अहमदाबाद, 25 नवंबर - गुजरात हाईकोर्ट में गुरुवार को एक संक्षिप्त लेकिन अहम सुनवाई हुई, जहां डिवीजन बेंच ने अशूमल @ अशाराम थाउमाल सिंधी द्वारा दायर उस अनुरोध पर विचार करने का फैसला किया, जिसमें पहले लगाई गई जमानत की शर्तों में बदलाव की मांग की गई है। सुनवाई लंबी नहीं चली, लेकिन वकीलों के व्यवहार से लगा कि अगले महीने बहस और गंभीर हो सकती है।
पृष्ठभूमि
सिंधी वर्तमान में 2023 में दायर अपनी आपराधिक अपील को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसमें उन्होंने अपनी सजा को चुनौती दी है। अपील लंबित रहने के दौरान उन्हें नियमित जमानत मिली थी, लेकिन उसी राहत से जुड़ी एक या अधिक शर्तें अब विवाद का कारण बन गई हैं। उनके वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष डागली ने दलील दी कि विशेष प्रतिबंध-जिसका विवरण अदालत में खुलकर नहीं आया-“अब याचिकाकर्ता के लिए व्यावहारिक नहीं है” और इसलिए इसे दोबारा विचारने की जरूरत है।
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साधारण शब्दों में, यह आवेदन दोषी या निर्दोष ठहराने से जुड़ा नहीं है, बल्कि जमानत के दौरान लागू एक नियम को नरम करने की मांग है। ऐसे अनुरोध तब किए जाते हैं जब परिस्थितियाँ बदल जाएँ या शर्तों का पालन कठिन हो जाए।
अदालत की टिप्पणियाँ
जस्टिस ईलेश जे. वोरा और जस्टिस आर. टी. वच्छानी की डिवीजन बेंच ने मेरिट पर कोई राय नहीं दी। फिर भी, दोनों न्यायाधीशों का रुख सुनवाई के प्रति खुला दिखा। सुनवाई के दौरान जस्टिस वोरा ने टिप्पणी की, “राज्य का जवाब सुनना जरूरी है, बिना सुने शर्तें संशोधित नहीं की जा सकतीं,” ऐसा मौजूद लोगों ने बताया।
राज्य की ओर से सार्वजनिक अभियोजक हार्दिक दवे ने तुरंत नोटिस सेवा को माफ कर दिया-यह एक कानूनी औपचारिकता है जो प्रक्रिया को तेज करती है। हफ्तों इंतज़ार करने के बजाय अभियोजन पक्ष ने संकेत दिया कि मामला आगे बढ़ सकता है।
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ऐसे छोटे कदम कई बार केस की गति तय करते हैं। इस मामले में यह दर्शाता है कि राज्य या तो इस मांग का विरोध करेगा या कम से कम गंभीरता से जांच करेगा।
निर्णय
फिलहाल, अदालत ने केवल नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 1 दिसंबर 2025 तय की है। न कोई अंतरिम राहत, न कोई संशोधन, और न ही कोई अतिरिक्त आदेश। मौजूदा जमानत शर्तें अगली तारीख तक यथावत जारी रहेंगी, जहां दोनों पक्ष विस्तार से बहस करने की उम्मीद है।
Case Title: Ashumal @ Asharam Thaumal Sindhi (Harpalani) vs State of Gujarat
Case No.: Criminal Misc. Application (Modification/Deletion of Condition) No. 5 of 2025
Case Type: Application seeking modification of bail conditions
Decision/Order Date: 21 November 2025