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केरल में मतदाता सूची संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट में जोरदार सुनवाई, ईसीआई ने कहा 99% मतदाताओं को फॉर्म मिले, टालने की ज़रूरत नहीं

Shivam Y.

केरल राज्य बनाम भारत का चुनाव आयोग – स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की टाइमिंग को चुनौती, केरल SIR पर सुप्रीम कोर्ट ने ECI से स्थिति-रिपोर्ट मांगी; ECI बोला 99% मतदाताओं को फॉर्म दिए जा चुके, अगली सुनवाई 2 दिसंबर को।

केरल में मतदाता सूची संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट में जोरदार सुनवाई, ईसीआई ने कहा 99% मतदाताओं को फॉर्म मिले, टालने की ज़रूरत नहीं

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई संक्षिप्त लेकिन तीखी सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग (ECI) ने केरल सरकार की उस मांग का सख़्त विरोध किया जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को टालने की बात कही गई थी। स्थानीय निकाय चुनाव सामने होने के कारण कोर्टरूम में बार-बार बहसें तेज़ होती रहीं।

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पृष्ठभूमि

केरल सरकार और कई राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, यह कहते हुए कि 9 और 11 दिसंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के समानांतर SIR चलाना प्रशासन पर अनावश्यक बोझ डाल रहा है।

राज्य इससे पहले केरल हाई कोर्ट गया था, लेकिन हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा, क्योंकि इसी मुद्दे पर कई अन्य याचिकाएँ पहले से लंबित हैं। IUML नेता पी.के. कुन्‍हलिकुट्टी, KPCC अध्यक्ष सनी जोसेफ और CPI(M) सचिव एम.वी. गोविंदन भी इस समय-निर्धारण पर सवाल उठा चुके हैं।

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अदालत की टिप्पणियाँ

ECI की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने साफ तौर पर कहा कि प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया, “निन्यानबे प्रतिशत मतदाताओं को फॉर्म मिल चुके हैं और आधे से ज़्यादा फॉर्म डिजिटल हो चुके हैं। इसलिए टालने का कोई कारण नहीं है।”

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य चुनाव आयोग और केंद्रीय चुनाव आयोग के बीच कामकाज में पूरा तालमेल है। “दोनों आयोग साथ-साथ काम कर रहे हैं… कोई दिक्कत नहीं है। हमें BLOs का केवल एक छोटा हिस्सा चाहिए और SEC ने कहा है कि उनका काम बाधित नहीं हो रहा,” द्विवेदी ने बताया।

मुख्य न्यायाधीश ने शांत स्वर में टिप्पणी की, “आप इसे प्रशासनिक स्तर पर देख सकते हैं; आखिरकार यह उन्हीं अधिकारियों का काम है।”

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जब द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि स्थानीय चुनाव और SIR के लिए अलग-अलग कर्मी तैनात हैं, तो पीठ इस बात से संतुष्ट दिखी कि ओवरलैप बहुत कम है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “यह कुछ ही दिनों की बात है।”

उधर, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और रंजीत कुमार-जो राज्य एवं CPI(M) की ओर से पेश हुए-ने आग्रह किया कि सुनवाई जल्द रखी जाए। उनका कहना था, “स्थानीय चुनाव 9 दिसंबर को हैं। हम कोई प्रतिवाद दाखिल नहीं करना चाहते; बस जल्द सुनवाई चाहिए।”

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फ़ैसला

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने ECI को 1 दिसंबर तक SIR की प्रगति पर विस्तृत स्थिति-रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अब यह मामला 2 दिसंबर को फिर सुना जाएगा, और कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से भी शपथपत्र माँगा है।

यहीं सुनवाई समाप्त हुई, और अदालत ने तत्काल कोई राहत देने से इनकार करते हुए अगली तारीख चुनाव कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए तय की।

Case Title: State of Kerala vs. Election Commission of India – Challenge to Timing of Special Intensive Revision (SIR)

Petitioners:

  • State of Kerala
  • CPI(M) Secretary M.V. Govindan
  • IUML leader P.K. Kunhalikutty
  • KPCC President Sunny Joseph

Respondent: Election Commission of India (ECI)

Next Steps Ordered by Court:

  • ECI to file status report by December 1
  • Matter listed for December 2

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