गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रार कोर्ट में हुई सुनवाई थोड़ी व्यस्त-सी थी, लेकिन माहौल सामान्य ही रहा। कर्नाटक नीरावरी निगम लिमिटेड से जुड़े कई विवादित मामलों की लंबी सूची आगे बढ़ी-कुछ आसानी से, कुछ सामान्य प्रक्रिया-संबंधी देरी के साथ। रजिस्ट्रार मशरूर आलम खान ने सुनवाई का संचालन किया और दो दर्जन से अधिक स्पेशल लीव पिटीशनों में समयसीमाएँ तय कीं।
पृष्ठभूमि
ये मामले अलग-अलग याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों से जुड़े हैं, लेकिन केंद्र में कर्नाटक नीरावरी निगम लिमिटेड है, जो एक सरकारी सिंचाई संस्था है। अधिकतर याचिकाएं प्रक्रिया संबंधी देरी-जैसे जवाब दाखिल न होना, सेवा अधूरी रहना, या नोटिस मिलने के बाद भी प्रतिवादी का अदालत में उपस्थित न होना-से जुड़ी थीं।
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गुरुवार को भी कई प्रतिवादी सेवा पूर्ण होने के बावजूद उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट रूम के बाहर एक वकील आधा मज़ाक करते हुए बोला, “इन कर्नाटक वाले केसों में तो लड़ाई कम और डेडलाइन ज़्यादा संभालनी पड़ती है।”
अदालत की टिप्पणियाँ
रजिस्ट्रार ने नोट किया कि SLP(C) Nos. 25661, 25697, 25671, 25677, 25686, 25701, 25713, 25695, 25676, 25672, 25691, 25683, 25681, 25700, 25673, 25712, 25682, 25680, 25699, 25679, 25674, 25711, 25698, 25705 और 25678/2025 में सेवा पूरी हो चुकी है, पर किसी भी प्रतिवादी ने उपस्थिति दर्ज नहीं कराई।
“पीठ ने टिप्पणी की, ‘जब सेवा पूरी है और फिर भी कोई नहीं आता, तो मामले नियमानुसार माननीय कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध कर दिए जाएंगे।’” इससे आगे की पूरी सुनवाई का टोन सेट हो गया।
SLP(C) No. 25708/2025 में अदालत ने प्रतिवादी संख्या 1 को प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया, और नोट किया कि प्रतिवादी संख्या 2 सुनवाई में फिर भी उपस्थित नहीं हुआ।
इसी तरह, SLP(C) Nos. 25704/2025 और 25830/2025 में याचिकाकर्ता को दो सप्ताह का समय दिया गया ताकि वे “fresh steps” यानी सेवा से संबंधित खामियों को दूर कर सकें।
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SLP(C) No. 25710/2025 की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अधिवक्ता पाटिल रेखा चंद्र गौड़ा ने पहले के स्टैंडिंग काउंसल की जगह ले ली है, लेकिन उन्होंने appearance का मेमो दाखिल नहीं किया है। रजिस्ट्रार ने उन्हें यह करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया-साथ ही जवाबी हलफनामा भी। “पीठ ने कहा, ‘प्रतिनिधि परिवर्तन दर्ज किया जाता है, पर कागज़ी कार्यवाही भी होनी चाहिए।’”
निर्णय
सुनवाई के अंत में अदालत ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए:
- कई मामलों को मुख्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- कई SLP में चार सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा।
- कुछ मामलों में याचिकाकर्ताओं को एक या दो सप्ताह में सेवा संबंधी कदम पूरे करने होंगे।
- कई मामलों को अब 19 जनवरी 2026 को सूचीबद्ध किया जाएगा, बशर्ते आवश्यक कार्यवाही समय पर हो।
इसके साथ ही रजिस्ट्रार ने सत्र समाप्त किया और पक्षकारों को तय समयसीमाओं के भीतर प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी सौंप दी।
लेख यहीं समाप्त होता है।
Case Title: Karnataka Neeravari Nigama Limited vs. Shivalingappa Amarappa Harti & Ors.
Case No.: SLP(C) Nos. 25661/2025, 25697/2025, 25671/2025, 25677/2025, 25686/2025, 25701/2025, 25713/2025, 25695/2025, 25676/2025, 25672/2025, 25691/2025, 25683/2025, 25681/2025, 25700/2025, 25673/2025, 25712/2025, 25682/2025, 25680/2025, 25699/2025, 25679/2025, 25674/2025, 25711/2025, 25698/2025, 25705/2025, 25678/2025, 25708/2025, 25704/2025, 25830/2025, 25710/2025, 25702/2025, 25312/2025, 25685/2025, 25703/2025
Case Type: Special Leave Petition (Civil)
Decision Date: 27 November 2025










