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हिरासत में डेढ़ साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने रोहिताश को दी जमानत, SC/ST एक्ट मामला, ट्रायल लंबित

Vivek G.
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रोहिताश बनाम राजस्थान राज्य, सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के रोहिताश को हत्या व SC/ST एक्ट मामले में लंबी हिरासत के आधार पर जमानत दी, ट्रायल में देरी पर टिप्पणी।

हिरासत में डेढ़ साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने रोहिताश को दी जमानत, SC/ST एक्ट मामला, ट्रायल लंबित

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान के एक बहुचर्चित आपराधिक मामले में आरोपी रोहिताश को जमानत दे दी। अदालत ने यह ध्यान में रखा कि आरोपी 26 नवंबर 2024 से जेल में बंद है और मुकदमे के अभी काफी गवाहों की गवाही बाकी है।

न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को विस्तार से सुना और अंत में जमानत देने का फैसला सुनाया।

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मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले से जुड़ा है। शिकायतकर्ता उदय सिंह ने आरोप लगाया था कि उसके भाई ख्याली राम के साथ मारपीट की गई थी।

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एफआईआर संख्या 304/2024, दिनांक 20 नवंबर 2024, पुलिस थाना सरूंड में दर्ज हुई थी। इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं भी लगाई गई थीं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 नवंबर 2024 की शाम करीब 7 बजे रोहिताश अपने परिचित पंकज के साथ मोटरसाइकिल से सिगरेट लेने गया था। वहां उसने अपने बड़े भाई ख्याली राम को शराब के नशे में बैठा देखा। आरोप है कि उसने भाई को वहां से जाने को कहा और न मानने पर दो-तीन थप्पड़ मारे।

इसके बाद, आरोप है कि रोहिताश ने ख्याली राम के साथ मारपीट की और उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर घर ले जाने लगा। रास्ते में मोटरसाइकिल एक तरफ झुक गई और ख्याली राम गिर पड़े। उपचार के दौरान 19 नवंबर 2024 को उनकी मृत्यु हो गई।

जांच के बाद पुलिस ने रोहिताश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।

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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि रोहिताश 26 नवंबर 2024 से लगातार न्यायिक हिरासत में है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुकदमे में कुल 33 गवाह हैं, जिनमें से अब तक केवल 11 की गवाही हुई है। शेष 22 गवाहों की परीक्षा अभी बाकी है, जिससे मुकदमे के जल्द समाप्त होने की संभावना कम है।

राज्य की ओर से पेश अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया, लेकिन पीठ ने रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों पर गौर किया।

अदालत की टिप्पणी

पीठ ने कहा कि आरोपी लंबे समय से हिरासत में है और ट्रायल को पूरा होने में “काफी समय लग सकता है।”

अदालत ने मौखिक रूप से कहा, “Considering the overall facts and circumstances, we are inclined to enlarge the petitioner on bail,” यानी समग्र परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोटपूतली-बहरोड़ की संतुष्टि पर दी जाएगी और आवश्यक शर्तें लागू रहेंगी।

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अदालत का निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका का निपटारा करते हुए रोहिताश को जमानत देने का आदेश पारित किया।

साथ ही लंबित सभी अंतरिम आवेदनों को भी समाप्त कर दिया गया।

इस प्रकार, करीब डेढ़ साल की हिरासत के बाद रोहिताश को राहत मिली।

Case Title: Rohitash vs State of Rajasthan

Case No.: SLP (Crl.) No. 2311/2026

Decision Date: 16 February 2026

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