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अतीक अहमद की हत्या के चित्रण को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 'धुरंधर द रिवेंज' पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।

Shivam
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ‘धुरंधर द रिवेंज’ फिल्म पर बैन की मांग वाली PIL में सबूत मांगे और याचिकाकर्ता को दो हफ्ते का समय दिया।

अतीक अहमद की हत्या के चित्रण को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 'धुरंधर द रिवेंज' पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में धुरंधर द रिवेंज फिल्म पर प्रतिबंध की मांग वाली याचिका पर तत्काल कोई आदेश देने से इनकार करते हुए कहा कि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सामग्री नहीं है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह जनहित याचिका (PIL) एनजीओ काया माटी की ओर से दायर की गई है। याचिका में आरोप है कि फिल्म में अतीक अहमद की हत्या को भारतीय खुफिया एजेंसी द्वारा किया गया ‘सार्वभौमिक कृत्य’ दिखाया गया है, जबकि यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की पीठ ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप फिलहाल बिना साक्ष्य के हैं।

पीठ ने टिप्पणी की,

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“याचिका में किए गए दावे इस स्तर पर प्रमाणित नहीं हैं।”

अदालत ने याचिकाकर्ता को अपने दावों के समर्थन में अतिरिक्त सामग्री दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।

फिलहाल किसी प्रकार का अंतरिम प्रतिबंध लगाने से इंकार किया गया।

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