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इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील के कथित आपत्तिजनक व्यवहार पर अवमानना कार्यवाही खत्म, बिना शर्त माफी स्वीकार

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील की बिना शर्त माफी स्वीकार कर आपराधिक अवमानना कार्यवाही समाप्त की, जिसे पहले न्यायिक कार्यवाही में हस्तक्षेप माना गया था। - In Re vs आशुतोष कुमार मिश्रा

इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील के कथित आपत्तिजनक व्यवहार पर अवमानना कार्यवाही खत्म, बिना शर्त माफी स्वीकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अधिवक्ता के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक अवमानना कार्यवाही को समाप्त कर दिया, जब उन्होंने खुले न्यायालय में बिना शर्त माफी मांगी। अदालत ने उनके व्यवहार को गंभीर माना, लेकिन माफी को पर्याप्त समझते हुए मामले को बंद कर दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला 12 फरवरी 2026 की एक सुनवाई से जुड़ा है, जब अधिवक्ता अशुतोष कुमार मिश्रा एक जमानत याचिका में पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य पक्ष से जवाबी हलफनामा और साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

इसी दौरान, रिकॉर्ड के अनुसार, अधिवक्ता ने खुले न्यायालय में ऊंची आवाज में न्यायालय के आदेश पर आपत्ति जताई और कुछ टिप्पणियां कीं, जिन्हें अदालत ने अनुचित माना।

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इन टिप्पणियों को न्यायिक कार्यवाही में हस्तक्षेप करने वाला और अदालत की गरिमा को प्रभावित करने वाला माना गया, जिसके आधार पर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की गई।

डिवीजन बेंच ने कहा कि अधिवक्ता का व्यवहार prima facie (पहली नजर में) न्यायालय की अवमानना के दायरे में आता है।

अदालत ने यह भी माना कि इस तरह की टिप्पणियां न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

हालांकि, आगे की सुनवाई में अधिवक्ता की ओर से एक हलफनामा दाखिल किया गया, जिसमें उन्होंने बिना शर्त माफी मांगी।

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सुनवाई के दौरान अधिवक्ता व्यक्तिगत रूप से भी अदालत में उपस्थित हुए और अपने आचरण के लिए खेद व्यक्त किया।

बेंच ने कहा,

“हम उनके व्यवहार और प्रस्तुतिकरण से यह समझते हैं कि वे वास्तव में अपने कृत्य के लिए पछता रहे हैं।”

अधिवक्ता के पक्ष में उनके वकील और बार एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि यह घटना असामान्य थी और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी।

अधिवक्ता ने स्वयं भी अदालत को आश्वस्त किया कि इस प्रकार की घटना दोबारा नहीं होगी।

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अदालत ने कहा कि प्रस्तुत माफी सच्ची और बिना शर्त है, जिसे स्वीकार किया जाना उचित है।

बेंच ने आदेश दिया कि:

“खुले न्यायालय में दी गई माफी को स्वीकार करते हुए आपराधिक अवमानना की कार्यवाही समाप्त की जाती है।”

इसके साथ ही मामला अभिलेखागार में भेजने का निर्देश दिया गया।

Case Details

Case Title: In Re vs Ashutosh Kumar Mishra

Case Number: Contempt Application (Criminal) No. 4 of 2026

Judge: Justice Siddhartha Varma & Justice Jai Krishna Upadhyay

Decision Date: March 25, 2026

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