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CBI जांच की मांग खारिज: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ‘बिना आधार’ याचिका को बताया दुरुपयोग

Shivam
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI जांच की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर आपराधिक जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता। - जितेंद्र पूनमचंद मारू बनाम केंद्रीय जांच ब्यूरो और अन्य।

CBI जांच की मांग खारिज: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ‘बिना आधार’ याचिका को बताया दुरुपयोग

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक याचिका को खारिज करते हुए कहा कि बिना ठोस आधार के आपराधिक जांच की मांग करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल अख़बारों या विदेशी आदेशों के आधार पर FIR दर्ज करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।

मामले की पृष्ठभूमि

याचिकाकर्ता जितेंद्र पुनमचंद मारू ने अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दाखिल कर CBI से कथित रिश्वतखोरी के मामले में FIR दर्ज करने और जांच शुरू करने की मांग की थी।

उन्होंने दावा किया कि कुछ कॉर्पोरेट समूहों ने सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़े अनुबंध हासिल करने के लिए अवैध तरीके अपनाए। इस दावे के समर्थन में उन्होंने अमेरिका की एक अदालत (ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क) के आदेश और मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया।

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हालांकि, याचिका में इस कथित साजिश से जुड़ी कोई प्रत्यक्ष या ठोस सामग्री पेश नहीं की गई।

सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि उसे यह जानकारी कैसे मिली। इस पर बताया गया कि याचिका अखबार में प्रकाशित खबरों के आधार पर दाखिल की गई है।

अदालत ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई और कहा:

“आपराधिक मामला दर्ज करना एक गंभीर विषय है, जिसके दूरगामी परिणाम होते हैं। ऐसे में न्यायालय को ठोस सामग्री के बिना हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।”

पीठ ने यह भी कहा कि:

“इस प्रकार की याचिकाएं अक्सर निजी हित, प्रतिस्पर्धा या दुर्भावना से प्रेरित होती हैं, जिन्हें सार्वजनिक हित का रूप दिया जाता है।”

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कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता ने अपने bona fide (सच्ची नीयत) को साबित नहीं किया।

• याचिकाकर्ता का मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था

• लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई

• प्रस्तुत सामग्री केवल समाचार रिपोर्ट्स पर आधारित थी

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता “साफ हाथों” (clean hands) के साथ अदालत नहीं आया है और उसकी याचिका सार्वजनिक हित में नहीं है।

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इन सभी तथ्यों को देखते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है।

“यह याचिका न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इससे संबंधित कॉर्पोरेट संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है।”

अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया।

Case Details

Case Title: Jitendra Punamchand Maru vs Central Bureau of Investigation & Ors.

Case Number: Criminal Writ Petition No. 6214 of 2025

Judge: Chief Justice Shree Chandrashekhar and Justice Suman Shyam

Decision Date: 27 March 2026

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