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दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया को ED की याचिका पर जवाब दाखिल करने का समय दिया

Shivam
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दिल्ली हाईकोर्ट ने ED की याचिका पर केजरीवाल और अन्य आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया, अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी। - ईडी बनाम कुलदीप सिंह और अन्य

दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया को ED की याचिका पर जवाब दाखिल करने का  समय दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार 19 मार्च को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया। यह याचिका ट्रायल कोर्ट की उन टिप्पणियों को हटाने के लिए दायर की गई है, जिन्हें ED ने आपत्तिजनक बताया है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद 27 फरवरी के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें विशेष अदालत ने आबकारी नीति (Excise Policy) मामले में केजरीवाल, सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया था।

इस दौरान ट्रायल कोर्ट ने जांच एजेंसियों CBI और ED की भूमिका को लेकर कुछ कड़ी टिप्पणियां की थीं, खासकर चुनावी फंडिंग और खर्च से जुड़े मामलों में।

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न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। आरोपियों के वकीलों ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, यह कहते हुए कि उन्हें बड़ी मात्रा में दस्तावेज (करीब 600 पन्ने) पढ़ने हैं।

इस पर ED की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी केवल कार्यवाही में देरी करना चाहते हैं।

हालांकि, अदालत ने कहा,

“आपको एक और सप्ताह चाहिए तो ले लीजिए,” और समय देने की अनुमति दे दी।

ED ने अपनी याचिका में कहा कि ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां “न्यायिक अतिक्रमण” (judicial overreach) हैं और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं, क्योंकि एजेंसी को सुनवाई का मौका ही नहीं दिया गया।

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एजेंसी ने यह भी कहा कि अगर ये टिप्पणियां बरकरार रहती हैं, तो इससे उसकी चल रही PMLA जांच पर गंभीर असर पड़ेगा।

विशेष अदालत ने कहा था कि केवल चुनावी फंडिंग या अधिक खर्च के आरोपों के आधार पर आपराधिक जांच शुरू नहीं की जा सकती।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि PMLA जैसे कानूनों का इस्तेमाल राजनीतिक आरोपों को आपराधिक मामलों में बदलने के लिए नहीं किया जा सकता, जब तक कोई स्पष्ट और स्वतंत्र अपराध प्रथम दृष्टया साबित न हो।

दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल के लिए तय कर दी और कहा कि इसके बाद अंतिम आदेश पारित किया जाएगा।

Case TItle:- ED v. Kuldeep Singh & Ors

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