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राणा अय्यूब ट्वीट विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट में X की जवाबदेही पर सवाल, सेफ हार्बर पर संकट

Shivam
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दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र ने कहा कि राणा अय्यूब के ट्वीट्स नहीं हटाने पर X का सेफ हार्बर हट सकता है; मामले की अगली सुनवाई 19 मई को।

राणा अय्यूब ट्वीट विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट में X की जवाबदेही पर सवाल, सेफ हार्बर पर संकट

दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि विवादित ट्वीट्स को हटाने में विफल रहने पर X अपनी कानूनी सुरक्षा खो सकता है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह याचिका अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकार राणा अय्यूब के कुछ पुराने ट्वीट्स (2013–2017) धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले और साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाने वाले हैं।

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ट्रायल कोर्ट पहले ही इन ट्वीट्स के आधार पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे चुका है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने X को नोटिस भेजकर सामग्री हटाने को कहा था।

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मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव की पीठ ने की। अदालत ने पहले टिप्पणी की थी कि ट्वीट्स “प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक और भड़काऊ” प्रतीत होते हैं और इस पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है।

केंद्र ने अदालत को बताया कि X को न्यायिक आदेश और पुलिस नोटिस के जरिए “वास्तविक जानकारी” (actual knowledge) मिल चुकी थी, फिर भी उसने कोई कदम नहीं उठाया।

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केंद्र ने कहा,

“ऐसी निष्क्रियता आईटी नियमों के तहत आवश्यक सावधानी (due diligence) का उल्लंघन है और इससे प्लेटफॉर्म को मिलने वाली ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा वापस ली जा सकती है।”

सरकार ने यह भी बताया कि आईटी एक्ट के तहत ब्लॉकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मामले पर नियमानुसार विचार किया जा रहा है।

X ने याचिका की सुनवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत “राज्य” नहीं है, इसलिए उस पर सीधे रिट याचिका लागू नहीं होती।

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कंपनी ने यह भी कहा कि ट्वीट्स की वैधता का फैसला सिविल कोर्ट में होना चाहिए और सरकार को धारा 69A के तहत तय प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

राणा अय्यूब की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने याचिका की स्वीकार्यता (maintainability) पर सवाल उठाए। अदालत ने उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अंतरिम आदेशों का पालन करने और आवश्यक सूचना X को भेजने का निर्देश दिया।

साथ ही, राणा अय्यूब को अपना जवाब दाखिल करने की अनुमति दी गई। मामले की अगली सुनवाई 19 मई को निर्धारित की गई है।

Case Title: Amita Sachdeva v. Union of India & Ors.

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