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AI से बनी फ़िल्म पर दिल्ली हाईकोर्ट सख़्त: अकिरा नंदन के नाम–चेहरे के दुरुपयोग पर ‘AI Love Story’ पर तत्काल रोक

Shivam
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अकीरा नंदन बनाम संभावामी स्टूडियोज एलएलपी और अन्य - दिल्ली उच्च न्यायालय ने अकीरा नंदन की छवि का बिना सहमति के उपयोग करने वाली एआई फिल्म पर रोक लगाई, निजता और व्यक्तित्व अधिकारों का हवाला देते हुए डीपफेक वीडियो को हटाने का आदेश दिया।

AI से बनी फ़िल्म पर दिल्ली हाईकोर्ट सख़्त: अकिरा नंदन के नाम–चेहरे के दुरुपयोग पर ‘AI Love Story’ पर तत्काल रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम अंतरिम आदेश में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिये बनाए गए कंटेंट पर सख़्त रुख अपनाया है। अभिनेता और संगीतकार अकिरा नंदन (उर्फ़ अकिरा देसाई) की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बिना अनुमति उनके नाम, चेहरे, आवाज़ और पहचान के इस्तेमाल से बनी AI फ़िल्म और उससे जुड़े कंटेंट पर तत्काल रोक लगा दी। अदालत ने इसे निजता और पर्सनैलिटी राइट्स का गंभीर उल्लंघन माना।

मामले की पृष्ठभूमि

21 वर्षीय अकिरा नंदन, जो प्रसिद्ध तेलुगु फ़िल्म परिवार से आते हैं, ने अदालत को बताया कि Sambhawaami Studios LLP ने यूट्यूब पर “AI Love Story” नाम से एक पूरी AI-जनित फ़िल्म अपलोड की। फ़िल्म में उन्हें मुख्य भूमिका में दिखाया गया, जबकि इसके लिए उनकी कोई सहमति नहीं ली गई थी।

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याचिका में कहा गया कि AI तकनीक का इस्तेमाल कर अकिरा का ऐसा डिजिटल अवतार बनाया गया, जो आम दर्शकों को असली और अधिकृत लग सकता है। इसके अलावा, कथित रूप से उनके नाम पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए गए, चंदा माँगा गया और निजी व रोमांटिक दृश्य गढ़े गए, जिससे उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा।

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वरिष्ठ अधिवक्ता जे. साई दीपक ने अदालत को बताया कि यह मामला सिर्फ़ एक फ़िल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि AI और डीपफेक तकनीक के ज़रिये किसी व्यक्ति की पहचान के व्यावसायिक शोषण का उदाहरण है। उन्होंने पहले के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की “पब्लिसिटी वैल्यू” और उसकी पहचान उसकी निजी संपत्ति है, जिसका इस्तेमाल बिना अनुमति नहीं किया जा सकता।

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कोर्ट की अहम टिप्पणियाँ

न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने प्रथम दृष्टया माना कि अकिरा नंदन की एक अलग पहचान और सार्वजनिक छवि है। अदालत ने कहा कि AI के ज़रिये पूरी फ़िल्म बनाना यह दिखाता है कि उनकी पहचान का जानबूझकर व्यावसायिक उपयोग किया गया।

अदालत ने टिप्पणी की,

“यदि ऐसे कृत्यों को रोका नहीं गया, तो किसी व्यक्ति की छवि और प्रतिष्ठा को होने वाला नुकसान पैसों में नहीं मापा जा सकता।”

कोर्ट ने यह भी माना कि ऐसे मामलों में देर से दिया गया न्याय अर्थहीन हो सकता है, क्योंकि ऑनलाइन कंटेंट तेज़ी से फैलता है।

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अदालत का निर्णय

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्स-पार्टी ऐड-इंटरिम इंजंक्शन जारी करते हुए आदेश दिया कि:

• “AI Love Story” फ़िल्म और उससे जुड़े सभी AI-जनित वीडियो, क्लिप्स और प्रमोशनल कंटेंट तुरंत हटाए जाएँ।

• अकिरा नंदन के नाम, चेहरे, आवाज़, हाव-भाव या किसी भी पहचान चिह्न का आगे कोई उपयोग न किया जाए।

• यूट्यूब, मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम) जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स को निर्देश दिया गया कि वे तय समयसीमा में ऐसे लिंक हटाएँ और ज़रूरी जानकारी उपलब्ध कराएँ।

अदालत ने साफ़ किया कि ये टिप्पणियाँ प्रारंभिक हैं और अंतिम निर्णय मुक़दमे की आगे की सुनवाई के बाद होगा।

Case Title:- Akira Nandan v. Sambhawaami Studios LLP & Ors.

Case No.: CS (COMM) 68/2026

Date of Order: 23 January 2026

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