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ESIC सर्कुलर विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की लंबित याचिकाएं मंगाईं, एक साथ होगी सुनवाई

Vivek G.
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कर्मचारी राज्य बीमा निगम एवं अन्य बनाम आईटीडी सीमेंटेशन इंडिया लिमिटेड एवं अन्य, सुप्रीम कोर्ट ने ESIC के 2015 सर्कुलर को चुनौती देने वाली देशभर की लंबित याचिकाएं अपने पास ट्रांसफर कर संयुक्त सुनवाई का आदेश दिया।

ESIC सर्कुलर विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की लंबित याचिकाएं मंगाईं, एक साथ होगी सुनवाई

निर्माण क्षेत्र के कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के दायरे में लाने वाले सर्कुलर को लेकर देशभर में चल रहे कानूनी विवाद पर अब सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम कदम उठाया है। अदालत ने विभिन्न हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं को अपने पास मंगाने का आदेश दिया है, ताकि सभी मामलों की एक साथ सुनवाई हो सके।

6 फरवरी 2026 को न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने यह आदेश पारित किया।

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मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) द्वारा 31 जुलाई 2015 को जारी सर्कुलर से जुड़ा है। इस सर्कुलर के जरिए निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के तहत कवर करने की बात कही गई थी।

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कई निर्माण कंपनियों और ठेकेदार संगठनों ने इस सर्कुलर को चुनौती देते हुए अलग-अलग हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। उनका कहना था कि सर्कुलर की वैधता और दायरा विवादित है।

हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट (गोवा बेंच), मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और पटना हाईकोर्ट पहले ही इस सर्कुलर की वैधता को सही ठहरा चुके हैं। इन फैसलों के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका (SLP) सुप्रीम कोर्ट में पहले से लंबित है।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ

कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने ट्रांसफर पिटीशन दाखिल कर मांग की थी कि अलग-अलग हाईकोर्ट में लंबित सभी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित की जाएं।

सुनवाई के दौरान पीठ ने माना कि चूंकि तीन हाईकोर्ट सर्कुलर को सही ठहरा चुके हैं और उस फैसले के खिलाफ SLP पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए समान मुद्दों पर अलग-अलग जगहों पर सुनवाई उचित नहीं होगी।

पीठ ने कहा कि, “चूंकि यह न्यायालय पहले से ही विशेष अनुमति याचिकाओं पर विचार कर रहा है, इसलिए समान मुद्दों से जुड़ी लंबित याचिकाओं का स्थानांतरण उचित होगा।”

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किन मामलों को किया गया ट्रांसफर

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट, आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट और मद्रास हाईकोर्ट में लंबित कई रिट याचिकाओं को अपने पास मंगाने का आदेश दिया।

मद्रास हाईकोर्ट में लंबित एक याचिका (W.P. No. 29496/2015) को पहले ही 13 दिसंबर 2024 को ‘प्रोसिक्यूशन न होने’ के आधार पर खारिज किया जा चुका था। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि यदि वह याचिका बहाल होती है तो उसे भी बाद में साथ सुना जा सकता है।

बाकी सभी संबंधित रिट याचिकाओं को SLP (Civil) No. 13351/2018 और W.P. (Civil) No. 936/2022 के साथ संयुक्त रूप से सुनवाई के लिए ट्रांसफर कर दिया गया है।

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अदालत का आदेश

अदालत ने संबंधित हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि वे संबंधित रिट याचिकाओं का रिकॉर्ड तुरंत सुप्रीम कोर्ट भेजें।

पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ट्रांसफर पिटीशन “स्वीकार की जाती हैं” और मामलों को आठ सप्ताह बाद सूचीबद्ध किया जाएगा।

इसके साथ ही अदालत ने देशभर में लंबित समान प्रकृति के मामलों की सुनवाई को एक मंच पर लाने का रास्ता साफ कर दिया।

Case Title: Employees State Insurance Corporation & Anr. vs. ITD Cementation India Ltd. & Anr.

Case No.: Transfer Petition (Civil) Nos. 576–598 of 2019

Decision Date: 06 February 2026

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