Logo

बिना जांच बैंक खाते फ्रीज करना गलत: दिल्ली हाईकोर्ट ने मालाबार गोल्ड के खाते तुरंत खोलने के आदेश दिए

Vivek G.
Add Court Book as a preferred source on Google

मालाबार गोल्ड एंड डायमंड लिमिटेड और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य। दिल्ली हाईकोर्ट ने मालाबार गोल्ड के बैंक खाते फ्रीज करने को गलत बताया। कोर्ट ने कहा बिना जांच और आदेश खाते रोकना कानूनन गलत है।

बिना जांच बैंक खाते फ्रीज करना गलत: दिल्ली हाईकोर्ट ने मालाबार गोल्ड के खाते तुरंत खोलने के आदेश दिए

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में कहा कि किसी कारोबारी के बैंक खाते बिना ठोस वजह और कानूनी प्रक्रिया के फ्रीज नहीं किए जा सकते। अदालत ने मालाबार गोल्ड एंड डायमंड लिमिटेड के बैंक खातों को तत्काल डी-फ्रीज करने का आदेश दिया और साफ किया कि केवल शक के आधार पर इस तरह की कार्रवाई कानून के खिलाफ है।

मामला क्या था

मामला मालाबार गोल्ड एंड डायमंड लिमिटेड और उसके अधिकारियों से जुड़ा है। कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शिकायत की थी कि उनके बैंक खाते बिना किसी एफआईआर, नोटिस या जांच के फ्रीज कर दिए गए हैं।

Read also:-केरल हाईकोर्ट का अहम फैसला: कोलकाता में जन्मे युवक को मिलेगा केरल का डोमिसाइल सर्टिफिकेट

कंपनी का कहना था कि उन्होंने एक ग्राहक के साथ सोने की खरीद-बिक्री का लेन-देन किया था, जो पूरी तरह वैध और बैंकिंग चैनल के जरिए हुआ। बाद में उस ग्राहक के खिलाफ साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतें सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद कंपनी के खाते फ्रीज कर दिए गए, जबकि उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं था।

Court Book subscription: bare acts, legal drafts, court judgments and ad-free legal news, plans from ₹30/month

कोर्ट ने क्या कहा

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि –

“केवल इस आधार पर कि किसी खाते से जुड़े व्यक्ति पर आरोप है, किसी तीसरे पक्ष के बैंक खाते को फ्रीज नहीं किया जा सकता।”

Read also:-वैध फ्री पास वाले रेलवे कर्मचारी को यात्री माना, बॉम्बे हाईकोर्ट ने ₹3 लाख रुपये मुआवजा दिया

अदालत ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 106 और 107 के तहत भी पुलिस को सीधे खाते फ्रीज करने का अधिकार नहीं है। अगर किसी रकम को अपराध की आय माना जाता है, तो उसके लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति लेना जरूरी है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि बिना कारण बताए खाते फ्रीज करना न केवल गलत है, बल्कि इससे कारोबार, कर्मचारियों की सैलरी और रोज़मर्रा की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होती हैं।

अदालत की अहम टिप्पणियां

• सिर्फ संदेह के आधार पर बैंक खाता फ्रीज नहीं किया जा सकता

• पुलिस को पहले मजिस्ट्रेट की अनुमति लेनी होगी

• खाताधारक को कारण बताना अनिवार्य है

• पूरे खाते को फ्रीज करना असंगत और असंवैधानिक है

• इससे व्यापार करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है

Read also:-केरल हाईकोर्ट ने बाहरीकरण आदेश में दी राहत: एक साल की पाबंदी घटाकर छह महीने की

कोर्ट का अंतिम आदेश

अदालत ने साफ निर्देश दिए कि:

1. मालाबार गोल्ड के सभी बैंक खाते तुरंत डी-फ्रीज किए जाएं।

2. यदि भविष्य में कोई जांच होती है तो वह कानून के अनुसार की जाए।

3. बिना ठोस सबूत के दोबारा खाते फ्रीज नहीं किए जा सकते।

इसके साथ ही अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया।

Case Title: Malabar Gold and Diamond Ltd. vs Union of India

Case No.: W.P.(C) 4198/2025

Decision Date: 16 January 2026

Download Order

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Get it on Google PlayDownload on the App Store
Join the Court Book WhatsApp channel for latest judgments, notifications, legal news and exam updates