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IRCTC घोटाला केस: राबड़ी देवी की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI से जवाब मांगा, 20 जनवरी को सुनवाई

Vivek G.
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राबड़ी देवी बनाम सीबीआई, IRCTC घोटाला मामले में राबड़ी देवी की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI से जवाब मांगा। आरोप तय करने को लेकर 20 जनवरी को होगी सुनवाई।

IRCTC घोटाला केस: राबड़ी देवी की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI से जवाब मांगा, 20 जनवरी को सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को IRCTC घोटाले से जुड़े एक अहम मामले की सुनवाई हुई। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पत्नी और पूर्व बिहार मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने खिलाफ तय आरोपों को चुनौती दी है। अदालत ने उनकी याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जवाब मांगा और अगली सुनवाई की तारीख तय की।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला उस दौर से जुड़ा है जब भारतीय रेलवे के दो होटल-रांची और पुरी-का संचालन IRCTC के जरिए निजी कंपनी को सौंपा गया था। CBI का आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी हुई और कुछ लोगों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया गया। इसी आधार पर लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी और अन्य पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप तय किए गए।

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ट्रायल कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120B (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।

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राबड़ी देवी की दलील

राबड़ी देवी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ आरोप “केवल अंदाजों” के आधार पर तय किए गए हैं। उनका तर्क है कि ट्रायल कोर्ट ने दो बातों को बिना ठोस सबूत के मान लिया-एक, जमीन की बिक्री कथित तौर पर कम कीमत पर हुई और दूसरा, एक निजी कंपनी के शेयर भी कम दाम पर खरीदे गए।

याचिका में कहा गया, “भले ही निचली अदालत की टिप्पणियों को सही मान लिया जाए, तब भी मेरे खिलाफ धोखाधड़ी का कोई ठोस मामला नहीं बनता।”

अदालत की टिप्पणी

मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने CBI से जवाब मांगा और कहा कि याचिका पर विस्तृत सुनवाई की जरूरत है। अदालत ने साफ किया कि आरोप तय करने के चरण में भी अदालत को केवल अंदाजों पर नहीं, बल्कि उपलब्ध सामग्री पर ध्यान देना होता है।

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सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि इसी तरह की याचिकाएं लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की ओर से भी लंबित हैं, जिन पर भी इसी पीठ के सामने सुनवाई होनी है।

CBI का पक्ष और आरोप

CBI का कहना है कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच एक साजिश रची गई, जिसके तहत रेलवे के BNR होटल पहले IRCTC को सौंपे गए और फिर एक निजी कंपनी को लीज पर दे दिए गए। एजेंसी के अनुसार, यह पूरा टेंडर प्रक्रिया “मनमाने और तयशुदा तरीके” से कराई गई ताकि कुछ लोगों को आर्थिक लाभ मिल सके।

CBI का आरोप है कि उस समय के रेल मंत्री होने के नाते लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया और उनके परिवार के सदस्य भी इस कथित साजिश का हिस्सा थे।

इस मामले में राबड़ी देवी के अलावा तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव और कई कारोबारी भी आरोपी हैं। अदालत ने कुछ कंपनियों और व्यक्तियों पर भी धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं।

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अदालत का फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने राबड़ी देवी की याचिका पर CBI से जवाब मांगते हुए मामले को 20 जनवरी की तारीख पर सूचीबद्ध कर दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि अगली सुनवाई में यह तय किया जाएगा कि उनके खिलाफ आरोप बनाए रखना सही है या नहीं।

Case Title: Rabri Devi v. CBI

Date: Notice issued; Next hearing on 20 January 2026

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