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कोलकाता हाईकोर्ट ने ईसीआई मेमो पर सुनवाई समाप्त की, कहा- वापस लिए जाने के बाद याचिका निरर्थक

Shivam
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कोलकाता हाईकोर्ट ने ईसीआई के विवादित मेमो के वापस लिए जाने के बाद जनहित याचिका को निरर्थक मानते हुए निपटा दिया। - मोहम्मद दानिश फारूकी बनाम भारतीय चुनाव आयोग और अन्य।

कोलकाता हाईकोर्ट ने ईसीआई मेमो पर सुनवाई समाप्त की, कहा- वापस लिए जाने के बाद याचिका निरर्थक

कोलकाता हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान जारी एक विवादित मेमो को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि मेमो वापस लिए जाने के बाद अब याचिका पर निर्णय देने की आवश्यकता नहीं बचती। अदालत ने निष्पक्ष चुनाव पर जोर देते हुए मामले का निपटारा कर दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह याचिका मोहम्मद दानिश फारूकी बनाम भारत निर्वाचन आयोग के रूप में दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने 27 अप्रैल 2026 के उस मेमो को चुनौती दी थी, जिसमें कथित “वोटर इंटिमिडेशन” रोकने के नाम पर कुछ व्यक्तियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

याचिका में आरोप लगाया गया कि यह मेमो बिना किसी ठोस आपराधिक मामले के लोगों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खोलता है और इससे नागरिकों की स्वतंत्रता तथा मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि यह मेमो पहले से दिए गए अंतरिम आदेश का उल्लंघन है और इसे अवैध घोषित किया जाना चाहिए।

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वहीं, चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विवादित मेमो उसी दिन एक नए मेमो के जरिए वापस ले लिया गया है।

उन्होंने कहा, “अब जब मेमो वापस ले लिया गया है, तो यह याचिका स्वतः ही निरर्थक हो गई है।”

खंडपीठ ने मामले पर विचार करते हुए कहा कि चूंकि चुनौती दिया गया मेमो अब अस्तित्व में नहीं है, इसलिए याचिका पर आगे सुनवाई का कोई औचित्य नहीं बचता।

अदालत ने यह भी कहा,

“हम अपेक्षा करते हैं कि चुनाव आयोग और उसके अधिकारी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के अनुसार संचालित करेंगे।”

साथ ही, अदालत ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि निवारक गिरफ्तारी या हिरासत केवल कानून के तहत आवश्यक होने पर ही की जानी चाहिए।

अदालत ने स्पष्ट किया कि मेमो वापस लिए जाने के कारण याचिका “काफी निष्फल” हो गई है और इस पर merits में निर्णय देने की आवश्यकता नहीं है।

अंततः, न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की पीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया।

Case Details:

Case Title: Md. Danish Farooqui vs Election Commission of India & Ors.

Case Number: WPA (P) 209 of 2026

Judge: Justice Arijit Banerjee & Justice Partha Sarathi Sen

Decision Date: April 28, 2026

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