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जातीय तनाव की आशंका पर झटका: मद्रास हाईकोर्ट ने वीरपांडिया कट्टाबोम्मन की प्रतिमा लगाने की अनुमति देने से किया इनकार

Shivam
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मद्रास हाईकोर्ट ने जातीय तनाव की आशंका के आधार पर निजी भूमि पर वीरपांडिया कट्टाबोम्मन की प्रतिमा लगाने की अनुमति देने से इनकार किया। - एस. कुमारसामी बनाम अतिरिक्त मुख्य सचिव और अन्य

जातीय तनाव की आशंका पर झटका: मद्रास हाईकोर्ट ने वीरपांडिया कट्टाबोम्मन की प्रतिमा लगाने की अनुमति देने से किया इनकार

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने एक अहम फैसले में निजी भूमि पर स्वतंत्रता सेनानी वीरपांडिया कट्टाबोम्मन की प्रतिमा लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि प्रशासन का निर्णय सामाजिक समरसता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया था, इसलिए इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।

मामले की पृष्ठभूमि

याचिकाकर्ता एस. कुमारसामी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 7 नवंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें जिला प्रशासन ने उनकी निजी पट्टा भूमि पर कट्टाबोम्मन की कांस्य प्रतिमा लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

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याचिकाकर्ता का कहना था कि वह अपने गांव उदैकुलम में अपनी ही जमीन पर यह प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं और इसके लिए प्रशासन को अनुमति देने का निर्देश दिया जाए।

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सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति डी. भारथा चक्रवर्ती ने कहा कि वीरपांडिया कट्टाबोम्मन एक महान स्वतंत्रता सेनानी हैं और “कोई भी प्राधिकरण सामान्य परिस्थितियों में उनकी प्रतिमा लगाने से इनकार नहीं करेगा।”

हालांकि, अदालत ने यह भी नोट किया कि प्रशासन ने यह निर्णय इस आशंका के आधार पर लिया था कि प्रतिमा स्थापना से जातीय पहचान को बढ़ावा मिल सकता है और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

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पीठ ने टिप्पणी की,

“जब लोग स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को भूलकर केवल ‘जाति’ जैसी अमूर्त चीज़ को प्राथमिकता देने लगते हैं, तब प्रशासन को ऐसे निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है।”

अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि संविधान का उद्देश्य एक जातिविहीन और समान समाज बनाना है, और प्रशासन ने इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर आदेश पारित किया।

अदालत ने यह भी बताया कि तमिलनाडु सरकार द्वारा पहले से ही पंचालंकुरिची (थूथुकुड़ी जिला) में वीरपांडिया कट्टाबोम्मन का स्मारक बनाया गया है, जहां लोग जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

अंततः हाईकोर्ट ने प्रशासन के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया। साथ ही, संबंधित अन्य याचिकाएं भी बंद कर दी गईं और कोई लागत नहीं लगाई गई।

Case Title: S. Kumarasamy vs Additional Chief Secretary & Others

Case Number: W.P.(MD) No. 6601 of 2026

Judge: Justice D. Bharatha Chakravarthy

Decision Date: 11 March 2026

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