Logo

NEET UG 2026: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने आवेदन विंडो दोबारा खोलने से किया इनकार, छात्रों की याचिका खारिज

Court Book
Add Court Book as a preferred source on Google

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने NEET UG 2026 आवेदन विंडो दोबारा खोलने की मांग खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा नियमों और समय-सीमा का पालन अनिवार्य है। - महेश गद्दाम और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य

NEET UG 2026: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने आवेदन विंडो दोबारा खोलने से किया इनकार, छात्रों की याचिका खारिज

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने NEET UG 2026 परीक्षा के लिए आवेदन जमा नहीं कर पाने वाले छात्रों को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि परीक्षा से जुड़े तय समय-सीमा और नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है और मानवीय आधार पर भी इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस लिसा गिल और जस्टिस निनाला जयसूर्या की खंडपीठ ने यह फैसला 29 अप्रैल 2026 को सुनाया। मामला ऑक्सफोर्ड जूनियर कॉलेज, गुंटूर के छात्रों से जुड़ा था, जिन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज के एक कर्मचारी ने उनसे आवेदन शुल्क लेकर भी NEET आवेदन जमा नहीं किए।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी कम होने के कारण कॉलेज में कार्यरत एक कंप्यूटर ऑपरेटर मुरली पर निर्भर थे। छात्रों के अनुसार, उसी व्यक्ति ने पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म सफलतापूर्वक जमा किए थे।

लेकिन अप्रैल 2026 में तब मामला सामने आया जब कुछ छात्रों को JEE परीक्षा के लिए फर्जी एडमिट कार्ड मिले और उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद जांच में पता चला कि संबंधित कर्मचारी ने छात्रों से पैसे लेने के बावजूद आवेदन जमा नहीं किए थे। इस संबंध में पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया।

Court Book subscription: bare acts, legal drafts, court judgments and ad-free legal news, plans from ₹30/month

Read also:- ‘समझौते की कोई संभावना नहीं’: बॉम्बे हाई कोर्ट ने लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद में मध्यस्थता की अर्जी खारिज की

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्हें 8 अप्रैल 2026 के बाद ही पता चला कि उनके NEET आवेदन भी जमा नहीं हुए हैं, जबकि अंतिम तिथि 11 मार्च 2026 थी। इसके बाद छात्रों और उनके अभिभावकों ने NTA को आवेदन विंडो दोबारा खोलने के लिए प्रतिनिधित्व भेजा।

छात्रों की ओर से कहा गया कि वे किसी गलती के जिम्मेदार नहीं हैं और उन्हें केवल एक विशेष अवसर देकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए।

वहीं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से अदालत को बताया गया कि आवेदन की अंतिम तिथि पहले ही बढ़ाई जा चुकी थी और सभी निर्देश सार्वजनिक सूचना व सूचना पुस्तिका में स्पष्ट रूप से दिए गए थे। एजेंसी ने यह भी कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा की तैयारी में प्रश्नपत्रों की छपाई, OMR शीट, सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों तक सामग्री पहुंचाने जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं।

NTA ने अदालत को बताया कि परीक्षा 3 मई 2026 को एक ही शिफ्ट में देश और विदेश के कुल 566 शहरों में आयोजित होनी थी, जिसमें लगभग 22.79 लाख उम्मीदवार शामिल थे। एजेंसी के अनुसार, इस स्तर पर किसी भी प्रकार की छूट पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती थी।

खंडपीठ ने कहा कि यह निर्विवाद तथ्य है कि छात्रों के आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा नहीं हुए। अदालत ने माना कि छात्रों को कठिनाई हुई हो सकती है, लेकिन केवल मानवीय आधार पर नियमों में ढील नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा,

“विज्ञापन, सार्वजनिक सूचना और सूचना पुस्तिका में निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।”

पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया और कहा कि परीक्षा की “sanctity”, यानी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई कानूनी आधार नहीं दिखा सके जिससे अदालत इस स्तर पर हस्तक्षेप करे। इसके साथ ही अदालत ने याचिका को “मेरिट रहित” बताते हुए खारिज कर दिया।

Case Details:

Case Title: Mahesh Gaddam and Others v. Union of India and Others

Case Number: W.P. No. 10859 of 2026

Judges: Chief Justice Lisa Gill and Justice Ninala Jayasurya

Decision Date: April 29, 2026

Download Order

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Get it on Google PlayDownload on the App Store
Join the Court Book WhatsApp channel for latest judgments, notifications, legal news and exam updates