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चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल जेल भेजने से रोका

Shivam
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दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को फिलहाल जेल भेजने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि उन्होंने शिकायतकर्ता को काफी भुगतान किया है।

चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को बड़ी राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल जेल भेजने से रोका

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार, 18 मार्च को बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को फिलहाल जेल भेजने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि अभिनेता ने शिकायतकर्ता कंपनी को काफी रकम का भुगतान कर दिया है, इसलिए फिलहाल मुख्य याचिका पर सुनवाई की जाएगी।

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि अदालत अभिनेता द्वारा दायर दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पहले सुनवाई करेगी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला चेक अनादर (Cheque Dishonour) से जुड़ा है, जिसमें कंपनी M/s Murli Projects Pvt. Ltd. ने अभिनेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

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इससे पहले अदालत ने 2 फरवरी को राजपाल यादव को तिहाड़ जेल के अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। अदालत ने तब कहा था कि अभिनेता ने कई बार अदालत को दिए गए भुगतान संबंधी आश्वासनों का पालन नहीं किया।

न्यायमूर्ति शर्मा ने उस समय टिप्पणी की थी कि अभिनेता का आचरण “निंदनीय” है, क्योंकि अदालत द्वारा कई अवसर और नरमी दिखाने के बावजूद भुगतान की प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया गया।

बुधवार को जब मामला सुनवाई के लिए आया तो राजपाल यादव व्यक्तिगत रूप से अदालत में मौजूद थे।

उनके वकील ने अदालत को बताया कि सजा पर रोक (suspension of sentence) के लिए एक और आवेदन दायर किया जा रहा है।

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इस पर अदालत ने मौखिक रूप से कहा,

“मैं उन्हें अभी जेल नहीं भेज रही हूँ। पहले मुख्य याचिका पर सुनवाई होगी… उन्होंने पहले ही काफी भुगतान कर दिया है।”

अदालत ने यह भी कहा कि अभिनेता चाहे तो समझौते के अनुसार शेष राशि का भुगतान कर सकते हैं या मामले पर मेरिट के आधार पर बहस कर सकते हैं।

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शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से दायर आवेदन का जिक्र होने पर अदालत ने कहा,

“वह भाग नहीं रहे हैं। वह यहीं मौजूद हैं। अगर पैसा आना है तो आएगा। मैं एक सप्ताह के भीतर फैसला कर दूंगी।”

अदालत ने राजपाल यादव की सजा पर लगी अंतरिम रोक को अगली सुनवाई तक जारी रखने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को तय की गई है।

Case Title: SH. Rajpal Naurang Yadav & Anr v. M/s Murli Projects Pvt. Ltd & Anr

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