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आरक्षित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत: सुप्रीम कोर्ट ने कहा योग्यता में बेहतर होने पर ओपन कैटेगरी में मिलेगा मौका

Vivek G.
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि TET में छूट लेने वाले आरक्षित अभ्यर्थी, यदि मुख्य परीक्षा में अधिक अंक लाते हैं, तो उन्हें ओपन कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है। - छाया एवं अन्य बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य।

आरक्षित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत: सुप्रीम कोर्ट ने कहा योग्यता में बेहतर होने पर ओपन कैटेगरी में मिलेगा मौका

शिक्षक भर्ती से जुड़े एक अहम विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में अधिक अंक लाता है, तो उसे केवल इसलिए ओपन (सामान्य) श्रेणी से बाहर नहीं किया जा सकता कि उसने योग्यता परीक्षा (TET) में छूट (relaxation) का लाभ लिया था।

मामले की पृष्ठभूमि

मामला महाराष्ट्र में आयोजित टीचर्स एप्टीट्यूड एंड इंटेलिजेंस टेस्ट (TAIT-2022) से जुड़ा था। कई आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों ने शिकायत की थी कि उन्होंने सामान्य वर्ग के अंतिम चयनित उम्मीदवार से अधिक अंक प्राप्त किए, फिर भी उन्हें ओपन कैटेगरी में शामिल नहीं किया गया।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहले इस दलील को खारिज करते हुए कहा था कि TET में छूट लेने वाले उम्मीदवार सामान्य श्रेणी में नहीं जा सकते। इसके खिलाफ अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

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सुनवाई के दौरान अदालत ने पूरे विवाद को “सीमित प्रश्न” बताते हुए कहा कि असली मुद्दा यह है कि क्या योग्यता परीक्षा में छूट लेने से उम्मीदवार की मेरिट प्रभावित होती है।

कोर्ट ने विस्तार से स्पष्ट किया:

• TET केवल एक योग्यता परीक्षा (eligibility test) है

• इसमें दी गई छूट सिर्फ उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देती है

• अंतिम चयन (TAIT) में सभी उम्मीदवारों का मूल्यांकन समान मानकों पर होता है

पीठ ने कहा,

“योग्यता परीक्षा में दी गई छूट केवल पात्रता से जुड़ी है, न कि अंतिम मेरिट से।”

अदालत ने यह भी पाया कि TAIT परीक्षा में कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी गई थी और सभी उम्मीदवारों का मूल्यांकन समान आधार पर हुआ।

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सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कुछ महत्वपूर्ण सिद्धांत स्थापित किए:

• योग्यता परीक्षा में छूट केवल “प्रतिस्पर्धा में प्रवेश” का साधन है

• अंतिम मेरिट केवल मुख्य परीक्षा के प्रदर्शन पर आधारित होगी

• यदि भर्ती नियमों में स्पष्ट रोक (prohibition) नहीं है, तो मेरिट के आधार पर ओपन कैटेगरी में स्थान मिल सकता है

कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित प्राधिकरण ने गलत तरीके से पुराने फैसले (Pradeep Kumar केस) को लागू किया, जबकि उस मामले के तथ्य अलग थे।

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सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए कहा:

• जिन अभ्यर्थियों ने सामान्य श्रेणी के अंतिम चयनित उम्मीदवार से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें मेरिट सूची में ओपन कैटेगरी में शामिल किया जाए

• केवल TET में छूट लेने के आधार पर उन्हें बाहर करना कानूनन गलत है

पीठ ने आदेश दिया कि ऐसे सभी योग्य अभ्यर्थियों को संशोधित मेरिट सूची में शामिल किया जाए।

Case Title: Chaya & Ors. v. State of Maharashtra & Anr.

Case Number: Civil Appeal Nos. of 2026 (arising out of SLP (C) Nos. 14517–14539 of 2025)

Judge: Justice Alok Aradhe (with Justice Pamidighantam Sri Narasimha)

Decision Date: March 23, 2026

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