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एयर फोर्स महिला अधिकारियों को राहत: सुप्रीम कोर्ट ने चयन प्रक्रिया को बताया ‘अनुचित’, पेंशन का आदेश

Shivam
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एयर फोर्स महिला अधिकारियों को राहत: सुप्रीम कोर्ट ने चयन प्रक्रिया को बताया ‘अनुचित’, पेंशन का आदेश

नई दिल्ली से आज आई एक महत्वपूर्ण खबर में, सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय वायुसेना की शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) महिला अधिकारियों के स्थायी कमीशन (Permanent Commission) से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने चयन प्रक्रिया के कुछ हिस्सों को “मनमाना और अनुचित” माना और प्रभावित अधिकारियों को पेंशन का लाभ देने का निर्देश दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला Wg. Cdr. Sucheta EDN बनाम Union of India से जुड़ा है, जिसमें 2007 में नियुक्त 6 महिला अधिकारियों ने स्थायी कमीशन न मिलने को चुनौती दी थी।

इन अधिकारियों को 2019, 2020 और 2021 की चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया, लेकिन या तो वे न्यूनतम प्रदर्शन मानदंड पूरा नहीं कर सकीं या मेरिट सूची में पीछे रह गईं।

पहले Armed Forces Tribunal (AFT) और बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

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सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चयन प्रक्रिया के कई पहलुओं पर सवाल उठाए।

अदालत ने कहा कि अधिकारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन (ACR) ऐसे समय में किया गया था जब उन्हें स्थायी कमीशन मिलने की कोई उम्मीद ही नहीं थी।

“ऐसे मूल्यांकन, जो केवल सीमित सेवा के लिए किए गए थे, उन्हें बाद में स्थायी नियुक्ति के लिए आधार बनाना उचित नहीं है,” पीठ ने कहा।

कोर्ट ने यह भी पाया कि 2019 में लागू नई नीति (HRP 01/2019) को बहुत जल्दबाजी में लागू किया गया, जिससे अधिकारियों को नए मानदंड पूरा करने का पर्याप्त समय नहीं मिला।

अदालत ने विशेष रूप से दो नई शर्तों पर चिंता जताई:

• न्यूनतम CGPA (इन-सर्विस कोर्स में)

• कैटेगरी ‘C’ की अनिवार्यता

कोर्ट ने कहा कि ये शर्तें अचानक लागू की गईं और अधिकारियों को इन्हें पूरा करने का वास्तविक अवसर नहीं मिला।

“नीति लागू करने की जल्दबाजी ने अधिकारियों को उनके तीन अवसरों में से एक से वंचित कर दिया,” कोर्ट ने टिप्पणी की।

सुप्रीम कोर्ट ने AFT और हाई कोर्ट के फैसलों को रद्द कर दिया और अपील स्वीकार कर ली।

हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले से सेवा से मुक्त हो चुकी अधिकारियों को दोबारा नियुक्त करना उचित नहीं होगा।

इसके बजाय, कोर्ट ने एक संतुलित समाधान दिया:

• सभी प्रभावित SSC अधिकारियों को 20 वर्ष की सेवा पूर्ण मानी जाएगी

• उन्हें पेंशन और अन्य लाभ दिए जाएंगे

• पेंशन का भुगतान 1 जनवरी 2025 से लागू होगा

• पहले से स्थायी कमीशन प्राप्त अधिकारियों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा

अन्य निर्देश

कोर्ट ने भविष्य के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए:

• चयन से पहले रिक्तियों की जानकारी देना अनिवार्य

• मूल्यांकन के मानदंड स्पष्ट रूप से बताना

• चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना

Case Title: Wg. Cdr. Sucheta EDN vs Union of India & Ors.

Case Number: Civil Appeal (Arising out of Diary No. 28412/2024 & connected matters)

Judge: CJI Surya Kant, Justice Ujjal Bhuyan, Justice N. Kotiswar Singh

Decision Date: March 24, 2026

Download Judgment

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