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सुप्रीम कोर्ट: DSC कर्मियों को मिलेगा सेवा कमी माफी का लाभ, दूसरी पेंशन का रास्ता साफ

Shivam
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सुप्रीम कोर्ट ने DSC कर्मियों को सेवा अवधि की कमी माफ करने का अधिकार दिया, जिससे दूसरी पेंशन के दावों पर स्पष्टता आई। - भारत संघ और अन्य बनाम बालकृष्णन मुल्लिकोटे और संबंधित मामले

सुप्रीम कोर्ट: DSC कर्मियों को मिलेगा सेवा कमी माफी का लाभ, दूसरी पेंशन का रास्ता साफ

नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की एक अहम सुनवाई में पूर्व सैनिकों से जुड़े पेंशन विवाद पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स (DSC) में सेवा देने वाले कर्मियों को भी सेवा अवधि में कमी (shortfall) की माफी का लाभ मिल सकता है। यह मामला कई अपीलों के जरिए कोर्ट के सामने आया था।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद उन पूर्व सैनिकों से जुड़ा था, जिन्होंने नियमित सेना से सेवानिवृत्ति के बाद DSC में दोबारा सेवा दी। लेकिन उनकी दूसरी सेवा अवधि 15 साल की न्यूनतम पात्रता से थोड़ी कम रह गई।

सरकार का तर्क था कि:

• DSC सेवा के लिए “वास्तविक 15 वर्ष” जरूरी हैं

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• दूसरी पेंशन के लिए सेवा की कमी माफ नहीं की जा सकती

वहीं, याचिकाकर्ताओं ने कहा कि:

• पेंशन नियमों में सेवा की कमी माफ करने का प्रावधान है

• DSC भी सेना का ही हिस्सा है, इसलिए वही नियम लागू होने चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने दो प्रमुख सवालों पर विचार किया:

1. क्या सरकार को पेंशन नियमों के तहत सेवा अवधि की गणना में विशेष प्रावधान लागू करने होंगे?

2. क्या DSC कर्मियों को सेवा में कमी की माफी देकर दूसरी पेंशन का अधिकार दिया जा सकता है?

सरकार की ओर से पेश ASG ने कहा:

• “दूसरी पेंशन एक अतिरिक्त लाभ है, इसलिए नियम सख्त होने चाहिए।”

• 2017 के एक पत्र के अनुसार, “दूसरी सेवा पेंशन के लिए कमी माफ करने का कोई औचित्य नहीं है।”

• सभी कर्मचारी पहले से पहली पेंशन ले रहे हैं

याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा:

• DSC सेना का ही हिस्सा है

• “पेंशन नियमों में कहीं भी दूसरी सेवा के लिए कमी माफी पर रोक नहीं है”

• कई हाईकोर्ट और AFT फैसलों में इस लाभ को मान्यता दी गई है

सुनवाई के दौरान जस्टिस मनमोहन की पीठ ने कहा:

“DSC कर्मी भी ‘Armed Forces personnel’ का हिस्सा हैं, इसलिए सामान्य पेंशन नियम उन पर लागू होंगे।”

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया:

• जहां तक संभव हो, नियमों की व्याख्या टकराव से बचाते हुए की जानी चाहिए

• सेवा की गणना में 3 महीने या उससे अधिक अवधि को आधा वर्ष माना जा सकता है

कोर्ट ने कहा कि:

• पेंशन नियमों (1961 और 2008) में स्पष्ट रूप से सेवा कमी माफी का प्रावधान है

• DSC के लिए कोई अलग निषेध नहीं दिया गया है

• “कोई भी ऐसा प्रावधान नहीं है जो इन नियमों को DSC कर्मियों पर लागू होने से रोके”

कोर्ट ने सरकार के इस तर्क को खारिज किया कि अलग प्रावधान होने से माफी लागू नहीं होगी

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि:

• पहले प्रत्येक कर्मचारी की सेवा अवधि की सही गणना की जाए

• गणना में नियमों के अनुसार आंशिक वर्ष (fraction) को शामिल किया जाए

• इसके बाद, यदि आवश्यक हो, तो सेवा की कमी को नियमों के तहत माफ किया जाए

इस प्रकार, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि DSC कर्मी भी सेवा अवधि में कमी की माफी पाने के हकदार हैं, बशर्ते वे निर्धारित नियमों के भीतर आते हों।

Case Details

Case Title: Union of India & Ors. vs. Balakrishnan Mullikote & Connected Matters

Case Number: Civil Appeal (Arising out of Diary No. 27246/2023 & connected cases)

Judge: Justice Manmohan and Justice Manoj Misra

Decision Date: 24 March 2026

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