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सुप्रीम कोर्ट ने कृषि मंडी समिति को दी बड़ी राहत, कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी रोकना गलत ठहराया

Vivek G.
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सुप्रीम कोर्ट ने APMC Deesa के पक्ष में फैसला देते हुए कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी जारी करने का आदेश दिया और हाईकोर्ट डिवीजन बेंच का आदेश रद्द किया। - कृषि उत्पाद बाजार समिति, डीसा बनाम राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड और अन्य।

सुप्रीम कोर्ट ने कृषि मंडी समिति को दी बड़ी राहत, कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी रोकना गलत ठहराया

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की कृषि उपज मंडी समिति, डीसा (APMC Deesa) को राहत देते हुए कहा कि कोल्ड स्टोरेज परियोजना के लिए देय सब्सिडी रोकी नहीं जा सकती। अदालत ने गुजरात हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का फैसला पलटते हुए सिंगल जज के आदेश को बहाल कर दिया।

मामला नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) और NABARD द्वारा दी जाने वाली कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी से जुड़ा था।

मामले की पृष्ठभूमि

APMC Deesa ने बागवानी उत्पादों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने की योजना शुरू की थी। इसके लिए बैंक से ऋण लिया गया और सब्सिडी योजना के तहत आवेदन किया गया।

योजना के अनुसार, 50 प्रतिशत अग्रिम सब्सिडी जारी की गई थी। बाकी 50 प्रतिशत राशि निरीक्षण के बाद दी जानी थी।

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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि उस दिन यूनिट की क्षमता का उपयोग कम था, इसलिए अंतिम सब्सिडी लंबित रखी गई। बाद में परियोजना स्थल पर आग लगने की घटना भी हुई। इसके बाद अधिकारियों ने पहले से दी गई सब्सिडी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद पत्राचार का अध्ययन किया और पाया कि समिति तथा बैंक ने कई बार अधिकारियों को अंतिम सब्सिडी जारी करने के लिए लिखा था।

पीठ ने कहा कि दस्तावेज स्पष्ट दिखाते हैं कि राहत पाने के लिए लगातार प्रयास किए गए थे। अदालत ने टिप्पणी की,

“यदि समय पर निरीक्षण कर लिया जाता या राशि जारी कर दी जाती, तो विवाद इतना लंबा नहीं चलता।”

कोर्ट ने यह भी कहा कि NHB का यह कहना समझ से परे है कि समिति ने कोई प्रयास नहीं किया, जबकि रिकॉर्ड इसके विपरीत था।

पीठ ने निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उसी रिपोर्ट में यूनिट को “completed and commissioned” बताया गया था।

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गुजरात हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने पहले कहा था कि समिति ने आवश्यक शर्तें पूरी नहीं कीं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इससे असहमति जताई।

कोर्ट ने माना कि उपलब्ध दस्तावेजों से यह साबित होता है कि समिति ने सब्सिडी जारी कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए थे।

सुप्रीम Court ने डिवीजन बेंच का आदेश रद्द कर दिया और सिंगल जज का फैसला बहाल कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि पहले जारी राशि वापस ली जा चुकी है, तो पूरी सब्सिडी अब जारी की जाए। यदि राशि वापस नहीं ली गई है, तो शेष अंतिम किस्त जारी की जाए।

इसी के साथ अपील स्वीकार कर ली गई।

Case Details

Case Title: Agriculture Produce Market Committee, Deesa v. National Horticulture Board & Ors.

Case Number: Civil Appeal arising out of SLP(Civil) No. 13129 of 2025

Judge: Justice Sanjay Karol and Justice Augustine George Masih

Decision Date: April 17, 2026

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