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सुप्रीम कोर्ट का फैसला: ‘ग्लोस्टर’ ट्रेडमार्क पर NCLT अधिकार से बाहर, SRA को सीधी मिल्कियत नहीं

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि Gloster ट्रेडमार्क के स्वामित्व पर NCLT फैसला नहीं कर सकता, IBC की सीमाएं स्पष्ट।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: ‘ग्लोस्टर’ ट्रेडमार्क पर NCLT अधिकार से बाहर, SRA को सीधी मिल्कियत नहीं

आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक लंबे चले आ रहे कॉरपोरेट विवाद पर अहम मोड़ आया। अदालत ने साफ किया कि ‘ग्लोस्टर’ ट्रेडमार्क के स्वामित्व जैसे जटिल सवालों पर NCLT सीधे तौर पर फैसला नहीं कर सकता, खासकर तब जब समाधान योजना (Resolution Plan) खुद प्रतिद्वंद्वी दावों को मान्यता देती हो।

यह मामला ग्लोस्टर लिमिटेड और ग्लोस्टर केबल्स लिमिटेड के बीच ट्रेडमार्क ‘Gloster’ के अधिकार को लेकर था, जो दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के दौरान उठा। अदालत ने NCLAT के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि इस तरह के टाइटल विवाद IBC की सीमित प्रक्रिया से बाहर हैं।

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फोर्ट ग्लोस्टर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खिलाफ IBC के तहत कार्यवाही शुरू हुई थी। समाधान प्रक्रिया में ग्लोस्टर लिमिटेड सफल समाधान आवेदक (SRA) बना। इसी दौरान ग्लोस्टर केबल्स लिमिटेड ने NCLT में आवेदन देकर कहा कि ‘Gloster’ ट्रेडमार्क कॉरपोरेट देनदार की संपत्ति नहीं है और इसे योजना से बाहर रखा जाए।

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SRA की ओर से दलील दी गई कि ट्रेडमार्क कंपनी की संपत्ति है और दिवाला प्रक्रिया के तहत उसके साथ स्थानांतरित हो गया। वहीं, ग्लोस्टर केबल्स ने कहा कि ट्रेडमार्क पहले ही असाइन हो चुका था और NCLT को इस पर स्वामित्व घोषित करने का अधिकार नहीं है।

न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि,

“IBC की धारा 60(5) का इस्तेमाल कर ऐसे अधिकार विवाद तय नहीं किए जा सकते जो दिवाला प्रक्रिया से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हों।”

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अदालत ने नोट किया कि समाधान योजना खुद यह मानती है कि ट्रेडमार्क को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद मौजूद है। ऐसे में NCLT का यह कहना कि ट्रेडमार्क सीधे SRA का हो गया, उचित नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ‘Gloster’ ट्रेडमार्क का स्वामित्व तय करने के लिए अलग उपयुक्त कानूनी मंच पर कार्यवाही होनी चाहिए। दिवाला प्रक्रिया के दौरान NCLT या NCLAT इस तरह की घोषणा नहीं कर सकते। इसके साथ ही अदालत ने NCLAT के फैसले को बरकरार रखा और SRA की अपील खारिज कर दी।

Case Title: Gloster Limited v. Gloster Cables Limited & Ors.

Case Number:

• Civil Appeal No. 2996 of 2024

• With Civil Appeal No. 4493 of 2024

Court: Supreme Court of India

Judgment Date: 22 जनवरी 2026

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