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AICTE नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी: GPSC की प्रोफेसर भर्ती वैध, हाईकोर्ट का आदेश रद्द

Vivek G.
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गुजरात लोक सेवा आयोग बनाम ज्ञानेश्वरी दुष्यन्तकुमार शाह, सुप्रीम कोर्ट ने GPSC प्रोफेसर भर्ती को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि AICTE नियम सीधी भर्ती पर लागू नहीं होते। हाईकोर्ट का आदेश रद्द।

AICTE नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी: GPSC की प्रोफेसर भर्ती वैध, हाईकोर्ट का आदेश रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात लोक सेवा आयोग (GPSC) की प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया को सही ठहराते हुए अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि AICTE के करियर एडवांसमेंट नियम सीधे भर्ती पर लागू नहीं होते। इस फैसले के साथ ही गुजरात हाईकोर्ट का वह आदेश रद्द कर दिया गया, जिसमें चयन प्रक्रिया को दोबारा कराने के निर्देश दिए गए थे।

मामले की पृष्ठभूमि

मामला वर्ष 2015 का है, जब गुजरात लोक सेवा आयोग ने सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें प्लास्टिक इंजीनियरिंग के एक पद के लिए भी आवेदन मांगे गए थे।

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याचिकाकर्ता महिला उम्मीदवार ने इंटरव्यू में हिस्सा लिया, लेकिन न्यूनतम अंकों से कम स्कोर करने के कारण चयनित नहीं हो सकीं। इसके बाद उन्होंने AICTE (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) के नियमों का हवाला देते हुए चयन प्रक्रिया को चुनौती दी।

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हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 2025 में कहा था कि चयन AICTE नियमों के अनुसार नहीं हुआ, इसलिए पूरी प्रक्रिया अवैध है और दोबारा चयन कराया जाए।

अदालत का अवलोकन

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस आलोक आराधे और जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा शामिल थे, ने हाईकोर्ट के फैसले को गलत ठहराया।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि:

“AICTE के नियम करियर एडवांसमेंट यानी सेवा में पहले से कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति के लिए हैं, न कि सीधी भर्ती के लिए।”

कोर्ट ने कहा कि AICTE नियमों का उद्देश्य शिक्षकों के करियर ग्रोथ को नियंत्रित करना है, न कि राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली नई नियुक्तियों को।

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पीठ ने यह भी कहा कि उम्मीदवार ने बिना किसी आपत्ति के इंटरव्यू में भाग लिया था। चयन में असफल होने के बाद नियमों को चुनौती देना स्वीकार्य नहीं है।

“जो उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में भाग लेकर असफल हो जाता है, वह बाद में नियमों पर सवाल नहीं उठा सकता,” अदालत ने टिप्पणी की।

न्यायालय का कानूनी तर्क

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि:

• AICTE नियम प्रमोशन और करियर एडवांसमेंट से जुड़े हैं

• ये नियम सीधी भर्ती पर लागू नहीं होते

• राज्य सरकार को भर्ती नियम तय करने का अधिकार है

• GPSC द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह वैध थी

• हाईकोर्ट ने AICTE नियमों की गलत व्याख्या की

कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि AICTE को शिक्षा की गुणवत्ता तय करने का अधिकार है, लेकिन वह राज्य की भर्ती प्रक्रिया को खत्म नहीं कर सकता।

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अंतिम निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि:

• GPSC द्वारा की गई 2015 की भर्ती वैध है

• दोबारा इंटरव्यू कराने का आदेश निरस्त किया जाता है

• AICTE नियम इस भर्ती पर लागू नहीं होते

• अपील स्वीकार की जाती है

• किसी प्रकार का मुआवजा या लागत नहीं दी जाएगी

इसके साथ ही मामला समाप्त कर दिया गया।

Case Title: Gujarat Public Service Commission vs Gnaneshwary Dushyantkumar Shah

Case No.: Civil Appeal arising out of SLP (C) No. 27710 of 2025

Decision Date: 19 January 2026

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