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सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के आचरण पर सवाल उठाए, नाबालिग के मामले में जांच को बेहद चिंताजनक बताया

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में नाबालिग से जुड़े मामले की जांच पर कड़ी टिप्पणी की, पुलिस को फटकार लगाई और पूरी जांच रिपोर्ट तलब की। - XXX बनाम हरियाणा राज्य

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के आचरण पर सवाल उठाए, नाबालिग के मामले में जांच को बेहद चिंताजनक बताया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुरुग्राम में एक नाबालिग से जुड़े मामले की जांच के तरीके पर कड़ी नाराज़गी जताई। कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली को “शॉकिंग” और असंवेदनशील बताया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह याचिका पीड़ित बच्ची के माता-पिता की ओर से दायर की गई थी, जिसमें जांच को CBI या विशेष जांच दल (SIT) को सौंपने की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि हरियाणा पुलिस की जांच संतोषजनक नहीं रही।

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वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कई जरूरी कदम नहीं उठाए गए और बच्ची को बार-बार अलग-अलग जगह ले जाया गया, जिससे उसकी तकलीफ बढ़ी।

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सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने पुलिस और मजिस्ट्रेट दोनों के आचरण पर चिंता व्यक्त की।

पीठ ने कहा,

“जांच जिस तरीके से की गई है, वह चौंकाने वाली है।”

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कोर्ट ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि बच्ची का बयान आरोपियों के करीब मौजूद होने के दौरान दर्ज किया गया।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की,

“आप एक आघात झेल चुके बच्चे से जुड़े हैं, यह कैसी असंवेदनशीलता है?”

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पुलिस द्वारा माता-पिता से FIR वापस लेने के बारे में पूछे जाने के आरोप सामने आए हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त और जांच अधिकारी को 25 मार्च को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और पूरी जांच का रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया।

साथ ही, सत्र न्यायालय गुरुग्राम को निर्देश दिया गया कि वह संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट से इस मामले में स्पष्टीकरण प्राप्त करे।

राज्य के महाधिवक्ता से महिला आईपीएस अधिकारियों की सूची भी मांगी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार और संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आगे की सुनवाई में रिकॉर्ड और जवाबों के आधार पर मामले पर विचार किया जाएगा।

Case Title: XXX v. State of Haryana

Case Number: W.P.(Crl.) No. 123/2026

Decision Date: March 23, 2026

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