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क्यूरेटिव याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम रुख: गोरेगांव पर्ल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी को झटका

Vivek G.
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क्यूरेटिव याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम रुख: गोरेगांव पर्ल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी को झटका

Supreme Court of India ने गोरेगांव पर्ल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड की ओर से दायर क्यूरेटिव याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यह फैसला 2 दिसंबर 2025 को पारित किया गया। अदालत ने साफ कहा कि इन याचिकाओं में ऐसा कोई असाधारण आधार नहीं है, जो क्यूरेटिव अधिकार क्षेत्र के तहत हस्तक्षेप को उचित ठहराए।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद पहले सिविल अपीलों के रूप में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष आया था। बाद में समीक्षा याचिकाएं दायर की गईं, जिन्हें भी खारिज कर दिया गया। इसके बाद गोरेगांव पर्ल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड ने अंतिम उपाय के तौर पर क्यूरेटिव याचिकाएं दाखिल कीं।

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क्यूरेटिव याचिका न्यायिक प्रक्रिया का सबसे अंतिम और सीमित रास्ता मानी जाती है। इसका उद्देश्य केवल उन्हीं मामलों में हस्तक्षेप करना होता है, जहां गंभीर न्यायिक चूक या प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ हो।

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अदालत की टिप्पणियां

मुख्य न्यायाधीश संजय किशन कौल (सीजेआई) की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाओं और संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद कहा कि मामला क्यूरेटिव याचिका के मानकों पर खरा नहीं उतरता।

पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा,

“इन क्यूरेटिव याचिकाओं को स्वीकार करने का कोई मामला नहीं बनता, जैसा कि इस न्यायालय ने रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा मामले में निर्धारित किया है।”

अदालत ने यह भी दोहराया कि क्यूरेटिव याचिका सामान्य अपील या समीक्षा का विकल्प नहीं है, बल्कि यह केवल अत्यंत दुर्लभ परिस्थितियों के लिए आरक्षित है।

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फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने गोरेगांव पर्ल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड द्वारा दायर सभी क्यूरेटिव याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसके साथ ही, अदालत ने कहा कि इस मामले से जुड़ी सभी लंबित अर्जियां भी स्वतः समाप्त मानी जाएंगी।

यह आदेश पीठ के सभी सदस्यों-न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और न्यायमूर्ति पामिदिघंटम श्री नरसिम्हा-की सहमति से पारित किया गया।

Case Title: Goregaon Pearl Co-operative Housing Society Ltd. vs Sandeep Grover & Anr.

Case No.: Curative Petition (C) Nos. 199–201 of 2025

Case Type: Curative Petition (Civil)

Decision Date: 02 December 2025

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