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तेलंगाना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: BNS में दर्ज केस रद्द नहीं, ट्रायल कोर्ट IPC के तहत तय करेगा आरोप

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तेलंगाना हाई कोर्ट ने कहा कि पुराने अपराध में BNS लगाने भर से केस रद्द नहीं होगा। ट्रायल कोर्ट IPC के तहत उचित आरोप तय करेगा।

तेलंगाना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: BNS में दर्ज केस रद्द नहीं, ट्रायल कोर्ट IPC के तहत तय करेगा आरोप

तेलंगाना हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल गलत कानून के तहत मामला दर्ज होने से आपराधिक कार्यवाही को रद्द नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में ट्रायल कोर्ट को उचित कानूनी प्रावधानों के तहत आरोप तय करने का अधिकार है।

यह आदेश जस्टिस तिरुमला देवी एडा की पीठ ने 7 जनवरी 2026 को पारित किया।

मामला चार आरोपियों द्वारा दायर उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने सत्र वाद संख्या 143/2025 को रद्द करने की मांग की थी। यह मामला भद्राद्री कोठागुडेम जिले की सत्र अदालत में लंबित है।

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आरोपियों का कहना था कि कथित अपराध वर्ष 2019 का है, जबकि मामला दिसंबर 2024 में दर्ज किया गया। उस समय तक भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू नहीं हुई थी, इसलिए मामला IPC के तहत दर्ज होना चाहिए था, न कि BNS के तहत।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि BNS की धारा 69 के तहत मामला दर्ज करना कानूनन गलत है, क्योंकि यह प्रावधान 1 जुलाई 2024 के बाद लागू हुआ।

राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक ने भी इस तथ्य का विरोध नहीं किया कि कथित घटना BNS लागू होने से पहले की है।

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शिकायत के अनुसार, आरोप है कि आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर महिला के साथ संबंध बनाए और बाद में उससे दूरी बना ली|

हाई कोर्ट ने कहा कि कानून के गलत प्रावधान का उपयोग अपने आप में केस खत्म करने का आधार नहीं बनता।

अदालत ने यह भी माना कि BNS की धारा 69 एक नई धारा है, जिसका IPC में सीधा समान प्रावधान नहीं है। फिर भी, शिकायत में बताए गए तथ्यों के आधार पर ट्रायल कोर्ट IPC के तहत उपयुक्त आरोप तय कर सकता है।

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अदालत ने स्पष्ट कहा कि आरोप तय करने का चरण ट्रायल कोर्ट का अधिकार क्षेत्र है और वहीं यह तय होगा कि कौन सा कानून लागू होगा।

हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह शिकायत की सामग्री का सावधानीपूर्वक परीक्षण करे और उचित कानून के तहत आरोप तय करे।

इसके साथ ही सभी लंबित आवेदन भी समाप्त कर दिए गए।

Case Title: Palivela Ravikumar & Ors vs State of Telangana & Anr

Case Number: Criminal Petition No. 64 of 2026

Court: High Court for the State of Telangana at Hyderabad

Judge: Justice Tirumala Devi Eada

Date: January 7, 2026

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