Logo

सुप्रीम कोर्ट ने NH Act मुआवज़ा विवाद में 21 किसानों को बड़ी राहत दी, सेक्शन 34 याचिकाएं फिर से बहाल

Vivek G.
Add Court Book as a preferred source on Google

मेसर्स रियाड़ बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य। सुप्रीम कोर्ट ने NH Act भूमि अधिग्रहण मुआवज़ा विवाद में 21 किसानों की Section 34 याचिकाएं बहाल कर बड़ी राहत दी।

सुप्रीम कोर्ट ने NH Act मुआवज़ा विवाद में 21 किसानों को बड़ी राहत दी, सेक्शन 34 याचिकाएं फिर से बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन अधिग्रहण से जुड़े एक अहम मामले में 21 ज़मीन मालिकों को राहत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों से किसी पक्ष को “बिना इलाज” नहीं छोड़ा जा सकता।

मामले की पृष्ठभूमि

मामला उन 21 ज़मीन मालिकों से जुड़ा है जिनकी भूमि National Highways Act, 1956 के तहत अधिग्रहित की गई थी। सक्षम प्राधिकरण ने मुआवज़े का अवॉर्ड पास किया, लेकिन मुआवज़े की रकम से असंतुष्ट होकर ज़मीन मालिकों ने Arbitration and Conciliation Act, 1996 की Section 34 के तहत Additional District Judge, Bhiwani के सामने याचिकाएं दाखिल कीं।

Read also:- दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीटीवी संस्थापकों के खिलाफ टैक्स पुनर्मूल्यांकन नोटिस रद्द किए, आयकर विभाग पर ₹2 लाख का जुर्माना

इसी दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 20 मार्च 2025 को दिए फैसले में NH Act की Sections 3G और 3J को असंवैधानिक घोषित कर दिया। इसके बाद ज़मीन मालिकों ने जल्दबाज़ी में अपनी Section 34 याचिकाएं वापस ले लीं और 25 अप्रैल 2025 को उन्हें “withdrawn” मानकर खारिज कर दिया गया।

Court Book subscription: bare acts, legal drafts, court judgments and ad-free legal news, plans from ₹30/month

अदालत का अवलोकन

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि 30 मई 2025 को उसने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी, जिससे NH Act की मध्यस्थता वाली व्यवस्था फिर से लागू हो गई। लेकिन तब तक ज़मीन मालिकों की पुरानी याचिकाएं वापस हो चुकी थीं और नई याचिका दाखिल करने पर limitation की बाधा आ रही थी।

कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता “remediless” हो गए थे। बेंच ने माना कि न्याय के हित में हस्तक्षेप ज़रूरी है।

Read also:- 19 साल बाद उच्च पद की मांग नामंजूर: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार करने के बाद अधिकार खत्म

फ़ैसला

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने Article 142 के तहत विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए 25 अप्रैल 2025 का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसके जरिए Section 34 की याचिकाएं वापस मानकर खारिज की गई थीं।

कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी Section 34 याचिकाएं अब फिर से “revive” मानी जाएंगी और उन्हें उसी चरण से आगे बढ़ाया जाएगा जहां से वे वापस हुई थीं। बेंच ने आदेश में कहा कि “पूर्ण न्याय” देने के लिए यह कदम जरूरी है।

Case Title: M/S Riar Builders Pvt Ltd & Anr. vs Union of India & Ors.

Case No.: SLP(C) Diary No. 26933/2025 (with connected matters)

Decision Date: 13-01-2026

Download order

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Get it on Google PlayDownload on the App Store
Join the Court Book WhatsApp channel for latest judgments, notifications, legal news and exam updates