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सुप्रीम कोर्ट ने प्रॉपर्टी सेल एग्रीमेंट पर राहत से किया इनकार, कहा- 'छिपाए गए तथ्य होने पर नहीं मिल सकती स्पेसिफिक परफॉर्मेंस'

Vivek G.
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मुद्दाम राजू यादव बनाम बी. राजा शंकर (डी) एलआर और अन्य के माध्यम से। सुप्रीम कोर्ट ने प्रॉपर्टी बिक्री समझौते के मामले में Specific Performance से इनकार किया, कहा– तथ्य छिपाने वाले वादी को राहत नहीं मिल सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रॉपर्टी सेल एग्रीमेंट पर राहत से किया इनकार, कहा- 'छिपाए गए तथ्य होने पर नहीं मिल सकती स्पेसिफिक परफॉर्मेंस'

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई पक्ष अदालत के सामने सभी महत्वपूर्ण तथ्य नहीं रखता, तो उसे Specific Performance (अनुबंध को लागू कराने की राहत) नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में वादी का आचरण बेहद महत्वपूर्ण होता है और थोड़ी भी शंका होने पर न्यायालय इस प्रकार की राहत देने से इनकार कर सकता है।

यह फैसला एक संपत्ति बिक्री समझौते से जुड़े विवाद में दिया गया, जिसमें ट्रायल कोर्ट ने वादी के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन हाई कोर्ट ने उसे पलट दिया था।

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मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद 4 जून 2002 को हुए एक बिक्री समझौते (Agreement of Sale) से जुड़ा था। समझौते के अनुसार, तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के मेडचल गांव में स्थित एक मकान की कुल बिक्री कीमत 13 लाख रुपये तय की गई थी।

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वादी ने बताया कि उसने 6 लाख रुपये अग्रिम दिए थे और शेष 7 लाख रुपये बिक्री विलेख (Sale Deed) के समय देने थे। समझौते के अनुसार यह प्रक्रिया 11 महीनों के भीतर पूरी होनी थी।

वादी का कहना था कि वह हमेशा शेष रकम देने के लिए तैयार था, लेकिन प्रतिवादी बहाने बनाकर बिक्री विलेख करने से बचता रहा। बाद में उसने 25 अप्रैल 2003 को कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने अदालत में Specific Performance का मुकदमा दायर किया।

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प्रतिवादियों का पक्ष

प्रतिवादियों ने अदालत में बिल्कुल अलग कहानी पेश की। उनका कहना था कि वादी असल में बिना लाइसेंस का मनीलेंडर है और उसने उन्हें 6 लाख रुपये का कर्ज दिया था।

उनके अनुसार, बिक्री समझौता वास्तव में एक सुरक्षा दस्तावेज (Security Document) था, ताकि कर्ज की रकम सुरक्षित रहे। इस संबंध में उसी दिन एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) भी तैयार किया गया था।

प्रतिवादियों का कहना था कि समझौते के अनुसार यदि 12 महीने के भीतर कर्ज वापस नहीं किया जाता, तभी संपत्ति के हस्तांतरण की बात होगी। उन्होंने यह भी कहा कि संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य समझौते में लिखी कीमत से कहीं अधिक था।

ट्रायल कोर्ट का फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान वादी ने बिक्री समझौता, कानूनी नोटिस और अपने बैंक खाते का विवरण जैसे दस्तावेज पेश किए।

ट्रायल कोर्ट ने माना कि प्रतिवादियों ने समझौते के निष्पादन से इनकार नहीं किया और वादी के पास शेष रकम चुकाने के लिए पर्याप्त धन था।

इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट ने वादी के पक्ष में फैसला देते हुए Specific Performance का आदेश दे दिया।

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हाई कोर्ट का निर्णय

प्रतिवादियों ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने पाया कि उसी दिन बना MoU यह संकेत देता है कि बिक्री समझौता वास्तव में एक कर्ज के लेनदेन की सुरक्षा के रूप में किया गया था।

इस आधार पर हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए मुकदमा खारिज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हाई कोर्ट के निष्कर्ष को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि MoU और अन्य दस्तावेजों से यह संभावना मजबूत होती है कि बिक्री समझौता वास्तव में सिर्फ औपचारिक या दिखावटी दस्तावेज था।

पीठ ने कहा:

“Specific Performance के मुकदमे में पक्षकारों का आचरण बहुत महत्वपूर्ण होता है। यदि अदालत को यह संदेह हो कि वादी ने सभी महत्वपूर्ण तथ्य सामने नहीं रखे, तो उसे यह राहत नहीं दी जा सकती।”

अदालत ने यह भी कहा कि वादी ने अपने मुकदमे में MoU का उल्लेख नहीं किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसने महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए।

पीठ ने कहा:

“जब वादी अदालत के सामने साफ हाथों से नहीं आता और जरूरी दस्तावेज छिपाता है, तो न्यायालय को विवेकाधीन राहत देने से इनकार करना चाहिए।”

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सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि हाई कोर्ट का निर्णय सही था और उसमें हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

अदालत ने कहा कि वादी की अपील में कोई दम नहीं है और इसलिए इसे खारिज किया जाता है।

इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट ने वादी की अपील खारिज करते हुए हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और Specific Performance की मांग को अस्वीकार कर दिया।

Case Title: Muddam Raju Yadav v. B. Raja Shanker (D) Through LRs & Ors.

Case No.: Civil Appeal No. 3255 of 2026 (Arising out of SLP (C) No. 6453 of 2024)

Decision Date: 10 March 2026

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