Logo

थिरुप्परंकुंड्रम पहाड़ी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने ASI को मंदिर सौंपने की मांग पर नोटिस जारी किया

Vivek G.
Add Court Book as a preferred source on Google

हिंदू धर्म परिषद बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य। थिरुप्परंकुंड्रम मंदिर विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने ASI को नियंत्रण सौंपने और दीप प्रज्वलन की मांग पर केंद्र व तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया।

थिरुप्परंकुंड्रम पहाड़ी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने ASI को मंदिर सौंपने की मांग पर नोटिस जारी किया

तमिलनाडु के प्रसिद्ध थिरुप्परंकुंड्रम पहाड़ी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम कदम उठाया। हिंदू धर्म परिषद की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), तमिलनाडु सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। मामला भगवान मुरुगन के प्राचीन मंदिर और वहां दीप प्रज्वलन से जुड़ा है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि

हिंदू धर्म परिषद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि थिरुप्परंकुंड्रम स्थित सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का नियंत्रण ASI को सौंपा जाए। साथ ही, मंदिर परिसर की पहाड़ी पर स्थित दीपस्तंभ (दीपथून) पर रोज़ 24 घंटे दीप जलाने की अनुमति दी जाए।

याचिका में यह भी कहा गया है कि हर साल कार्तिकेय दीपम के दिन पूरी पहाड़ी पर दीप प्रज्वलन होना चाहिए और श्रद्धालुओं को निर्बाध पूजा की अनुमति मिले।

Read also:-केरल हाईकोर्ट ने KHCAA चुनाव चुनौती खारिज की, कहा बार एसोसिएशन चुनावों पर रिट याचिका नहीं चल सकती

यह इलाका ‘प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958’ के तहत संरक्षित क्षेत्र है, जिसके चलते प्रशासनिक अनुमति को लेकर विवाद खड़ा हुआ।

Court Book subscription: bare acts, legal drafts, court judgments and ad-free legal news, plans from ₹30/month

कोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने पूछा कि क्या यह मामला अब भी मद्रास हाईकोर्ट में लंबित है।

इस पर तमिलनाडु सरकार के वकील ने बताया कि 6 जनवरी को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पहले ही एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रख चुकी है और राज्य सरकार उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर विचार कर रही है।

हाईकोर्ट का पहले का आदेश

गौरतलब है कि मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामिनाथन ने 1 दिसंबर को मंदिर प्रशासन को दीपस्तंभ पर दीप जलाने का आदेश दिया था। उन्होंने सरकार को आदेश लागू न करने पर फटकार भी लगाई थी।

Read also:-यदि पत्नी के पारिवारिक हिंसा से पति की कमाई की क्षमता नष्ट हो जाती है तो पत्नी अंतरिम भरण-पोषण की हकदार नहीं है: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

बाद में अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने श्रद्धालुओं को CISF सुरक्षा में स्वयं दीप जलाने की अनुमति दी थी और धारा 144 के आदेश को भी रद्द कर दिया था। राज्य सरकार द्वारा दायर अपील को डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया था।

अब इस पूरे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, ASI, तमिलनाडु सरकार, HR&CE विभाग, मदुरै कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और मंदिर प्रशासन से जवाब मांगा है।

पीठ ने स्पष्ट किया कि वह इस बात की जांच करेगी कि क्या ASI को मंदिर का नियंत्रण सौंपा जाना चाहिए और क्या दीप प्रज्वलन पर रोक कानूनी रूप से सही है।

Read also:-सुप्रीम कोर्ट ने 'सवुक्कु शंकर' मामले में मद्रास HC के आदेश पर लगाई रोक, चार्जशीट निर्देश रद्द

फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अब केंद्र और राज्य सरकार के जवाब आने के बाद होगी।

Case Title: Hindu Dharma Parishad v. Union of India & Ors.

Case No.: W.P.(C) No. 1280/2025

Decision Date: 23 January 2026

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Get it on Google PlayDownload on the App Store
Join the Court Book WhatsApp channel for latest judgments, notifications, legal news and exam updates