Logo

सुप्रीम कोर्ट में यूनिटेक मामले की सुनवाई: 2000 से ज्यादा याचिकाओं पर सख्त रुख, बोर्ड को निर्देश

Vivek G.
Add Court Book as a preferred source on Google

भूपिंदर सिंह बनाम यूनिटेक लिमिटेड और अन्य। सुप्रीम कोर्ट में यूनिटेक केस की सुनवाई, 2000 से ज्यादा अंतरिम याचिकाओं पर निर्देश, बोर्ड में नए निदेशक नियुक्त, FIR रिपोर्ट तलब।

सुप्रीम कोर्ट में यूनिटेक मामले की सुनवाई: 2000 से ज्यादा याचिकाओं पर सख्त रुख, बोर्ड को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट में Unitech लिमिटेड से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में मंगलवार को अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने साफ कहा कि 2016 से अब तक दायर करीब 2000 अंतरिम आवेदनों (Interim Applications) पर एक-एक कर सुनवाई करना संभव नहीं है। अब इन सभी आवेदनों को छांटकर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला भूपिंदर सिंह बनाम यूनिटेक लिमिटेड व अन्य से जुड़ा है, जिसमें घर खरीदारों, बोर्ड, सरकारी एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों के बीच कई तरह के विवाद सामने आए हैं। वर्षों में इस केस में बड़ी संख्या में अंतरिम आवेदन दायर हुए।

Read also:-रूह अफजा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: यूपी में 12.5% नहीं, 4% VAT लगेगा फल पेय के रूप में

25 फरवरी 2026 को जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने पूरे मामले की प्रगति की समीक्षा की। अदालत ने कहा कि अब सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ने की जरूरत है।

Court Book subscription: bare acts, legal drafts, court judgments and ad-free legal news, plans from ₹30/month

कोर्ट की अहम टिप्पणी

पीठ ने कहा, “2016 से अब तक लगभग 2000 अंतरिम आवेदन दाखिल हो चुके हैं। हम इन सभी पर अलग-अलग निर्णय नहीं कर सकते।”

कोर्ट ने बोर्ड की ओर से पेश अधिवक्ता और घर खरीदारों के वकील को निर्देश दिया कि वे सभी लंबित अंतरिम आवेदनों की तीन कॉलम वाली सूची तैयार करें। इसमें:

1. I.A. नंबर

2. आवेदन में की गई प्रार्थना

3. वह कारण, जिससे आवेदन निष्प्रभावी (infructuous) हो चुका है

यह सूची 15 अप्रैल 2026 तक अदालत के समक्ष पेश करने को कहा गया है।

Read also:-40 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में दोषियों को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखी

कर्नाटक भूमि विवाद और FIR पर रिपोर्ट तलब

सुनवाई के दौरान कर्नाटक में परियोजना भूमि को लेकर विवाद का मुद्दा भी उठा। कोर्ट को बताया गया कि जिगानी के सब-रजिस्ट्रार ने कथित धोखाधड़ी के मामले में 3 सितंबर 2024 को एफआईआर दर्ज की थी।

इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि संबंधित रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) एक पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को जांच की प्रगति की समीक्षा करने को कहें और रिपोर्ट अदालत में दाखिल करें।

पीठ ने कहा, “हम यह जानना चाहते हैं कि जांच किस स्थिति में है। रिपोर्ट आने के बाद आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।”

बोर्ड में दो नए निदेशकों की नियुक्ति

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की ओर से दायर दो अलग-अलग अंतरिम आवेदनों पर अदालत ने अनुमति दे दी।

कोर्ट ने आदेश दिया कि:

• श्री रामसेखर मंचिकालापति को यूनिटेक बोर्ड में निदेशक नियुक्त किया जाए।

• सुश्री रसिका चौबे को भी बोर्ड में निदेशक के रूप में शामिल किया जाए।

अदालत ने इन दोनों आवेदनों को स्वीकार करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए।

एक अन्य आवेदन में पूर्व आदेश में टाइपिंग त्रुटि सुधारने का आग्रह किया गया था। कोर्ट ने उस त्रुटि को ठीक किया और यह भी बताया कि संबंधित राशि की वापसी के लिए जस्टिस सप्रे समिति ने पहले ही सिफारिश कर दी है।

कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि 13 अक्टूबर 2022 के आदेश के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए राशि बोर्ड को जारी की जाए, और फिर उचित पहचान व सत्यापन के बाद आवेदकों को भुगतान किया जाए।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल बोर्ड किसी भी बंधक (mortgaged) संपत्ति की नीलामी आगे न बढ़ाए। अदालत ने निर्देश दिया कि बोर्ड और सभी ऋणदाता/वित्तीय लेनदार 6 मार्च 2026 को बैठक करें।

पीठ ने कहा, “हम दोनों पक्षों को अंतिम अवसर दे रहे हैं कि वे आपसी समझ से समाधान निकालें।”

यदि 15 अप्रैल 2026 तक सहमति नहीं बनती, तो अदालत उचित आदेश पारित करेगी।

Read also:-40 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में दोषियों को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखी

पर्यावरण अनुमति और अन्य आवेदनों पर रुख

कुछ आवेदनों में पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance) और ‘Consent to Establish’ को लेकर देरी की शिकायत की गई। कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरणों को अंतिम अवसर देते हुए पहले जारी निर्देशों का पालन करने को कहा।

इसके अलावा, जिन आवेदनों पर नोटिस जारी किया गया है, उन्हें 15 अप्रैल 2026 तक सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया।

अदालत का अंतिम निर्देश

सुनवाई के अंत में सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि इस मामले में व्यावहारिक समाधान जरूरी है। अदालत ने सभी पक्षों-बोर्ड, लेनदारों और अधिकारियों-से सहयोग की अपेक्षा की और अगली सुनवाई की तारीख 15 अप्रैल 2026 तय की।

Case Title: Bhupinder Singh vs Unitech Ltd. & Ors.

Case No.: Civil Appeal No. 10856 of 2016

Decision Date: 25 February 2026

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Get it on Google PlayDownload on the App Store
Join the Court Book WhatsApp channel for latest judgments, notifications, legal news and exam updates