माध्यस्थम (Arbitration) निर्देशिका: धारा 8, 11/12, 34 के अंतर्गत याचिका/आवेदन, अवॉर्ड के क्रियान्वयन/पंचाट प्रवर्तन, तथा 1940 अधिनियम से संबंधित नोटिस/आवेदन के हिंदी टेम्पलेट्स।
Quick Overview
FAQs
इस पेज पर मुख्यतः कौन से arbitration ड्राफ्ट्स उपलब्ध हैं?
Arbitration and Conciliation Act, 1996 के तहत: धारा 8 (न्यायालय से संदर्भ), धारा 11/12 (मध्यस्थ की नियुक्ति व disclosure), धारा 34 (अवार्ड निरस्तीकरण). साथ ही 1940 अधिनियम के तहत धारा 20/21/23 संबंधी नोटिस/आवेदन और पंचाट/अवार्ड के क्रियान्वयन के वाद के नमूने।
धारा 8 के तहत कब आवेदन दायर करें?
जब न्यायालय में दायर मुकदमे में पक्षकारों के बीच वैध arbitration agreement हो। पहली स्टेटमेंट ऑन द मेरिट्स दाखिल करने से पहले धारा 8 आवेदन देकर विवाद को मध्यस्थता को रेफर करने का अनुरोध करें।
धारा 11/12 के आवेदन में क्या शामिल होना चाहिए?
अरबिट्रेशन एग्रीमेंट/क्लॉज़, नियुक्ति की विफलता का रिकॉर्ड, प्रस्तावित/विवादित नियुक्ति का पत्राचार, निष्पक्षता/स्वतंत्रता से जुड़ा धारा 12(1) का disclosure, और अदालत के क्षेत्राधिकार का आधार।
धारा 34 के तहत अवॉर्ड निरस्त करने के सामान्य आधार क्या हैं?
पार्टी की अक्षम्यता, वैध नोटिस/सुनवाई का अभाव, रेफरेंस के दायरे से परे निर्णय, पब्लिक पॉलिसी/फंडामेंटल पॉलिसी का उल्लंघन, पेटेंट इलिगेलिटी (घरेलू अवॉर्ड) इत्यादि—समयसीमा में दायर होना अनिवार्य है।
धारा 34 की limitation क्या है?
असली अवॉर्ड की प्राप्ति से 3 महीने, और ‘पर्याप्त कारण’ पर अधिकतम 30 दिन की अतिरिक्त अवधि (कुल अधिकतम 120 दिन)। इसके बाद देरी सामान्यतः क्षमा योग्य नहीं मानी जाती।
अवार्ड के प्रवर्तन का तरीका क्या है?
धारा 36 के तहत—यदि धारा 34 याचिका लंबित नहीं या स्थगन नहीं मिला है, तो अवॉर्ड डिक्री की तरह प्रवर्तनीय है। एग्जिक्यूशन में JD/एसेट विवरण, ब्याज गणना, और संलग्न अवॉर्ड/नोटिस शामिल करें।
1940 अधिनियम से जुड़े ड्राफ्ट्स का उपयोग कब प्रासंगिक है?
पुराने/ट्रांज़िशनिंग मामलों में जहां समझौता/कार्यवाही 1996 से पूर्व के कानून के अधीन आरंभ हुई थी। अन्यथा नए रेफरेंस/विवादों पर 1996 अधिनियम लागू होता है।
‘पंचाट के क्रियान्वयन के लिए वाद’ ड्राफ्ट किसलिए है?
अवार्ड/समझौते के प्रवर्तन हेतु दीवानी निष्पादन/क्रियान्वयन की कार्यवाही का प्रारूप—एसेट अटैचमेंट/गार्निशी/अन्य उपाय मांगने के लिए।
एजेंसी/अभिकर्ता से संबंधित जो सूट फॉर्मेट दिए हैं, उनका arbitration से क्या संबंध है?
कई वाणिज्यिक अनुबंधों (एजेंसी/कमीशन/बीमा) में arbitration क्लॉज़ होती है। ये सूट फॉर्मेट समान लेन-देन के विवादों की पैराग्राफिंग/लेखा-जोखा दावे की संरचना समझने में सहायक हैं, एवं रेफरेंस/34/एन्फोर्समेंट के साथ उपयोगी पृष्ठभूमि देते हैं।
ड्राफ्टिंग टिप्स क्या हैं?
अरबिट्रेशन एग्रीमेंट की सही प्रति, संचार/नोटिस/एपॉइंटमेंट पत्राचार, limitation की गणना, seat/venue/गवर्निंग लॉ का स्पष्ट उल्लेख, और राहतें क्रियान्वित होने योग्य रखें; धारा 34 में ग्राउंड्स तथ्य/रिकॉर्ड से समर्थित हों।