दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार (29 मई) को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janata Party) के संस्थापक अभिजीत डिपके की उस याचिका पर केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को नोटिस जारी किया, जिसमें पार्टी के X अकाउंट को ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी गई है। हालांकि अदालत ने फिलहाल अकाउंट बहाल करने का कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने कहा कि मामले में व्यापक कानूनी और सार्वजनिक महत्व के प्रश्न जुड़े हुए हैं, इसलिए बिना केंद्र सरकार का पक्ष सुने कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती।
मामले की पृष्ठभूमि
याचिकाकर्ता अभिजीत डिपके ने अदालत को बताया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंग्यात्मक (satirical) सोशल मीडिया अभियान है। उनका दावा था कि अकाउंट को ब्लॉक करने से पहले न तो उन्हें कारण बताए गए और न ही सुनवाई का अवसर दिया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने कहा कि यदि किसी विशेष पोस्ट पर आपत्ति है तो उन पोस्टों पर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन पूरे अकाउंट को ब्लॉक करना उचित नहीं है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि फिलहाल रिकॉर्ड पर केवल X द्वारा भेजा गया संचार है, जबकि वास्तविक ब्लॉकिंग आदेश न तो याचिकाकर्ता के पास है और न ही अदालत के समक्ष रखा गया है।
पीठ ने कहा, “यह मामला व्यापक प्रभाव वाला है और इससे जुड़े सभी पहलुओं पर समग्र रूप से विचार किया जाना आवश्यक है।”
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इस प्रकार के मामलों से संबंधित कानून अभी विकासशील अवस्था में है और इसलिए सभी पक्षों को सुनना जरूरी है।
आईटी नियमों के नियम 14 का उल्लेख करते हुए अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार की समीक्षा समिति को ऐसे आदेशों की समीक्षा करने का अधिकार प्राप्त है।
पीठ ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले समीक्षा समिति याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर विचार करे और अपना निर्णय रिकॉर्ड पर लाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि विदेश में मौजूद अभिजीत डिपके चाहें तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समिति के समक्ष उपस्थित होने का अनुरोध कर सकते हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और X को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही, समीक्षा समिति को मामले की जांच करने का आदेश दिया गया।
अदालत ने फिलहाल X अकाउंट बहाल करने से इनकार किया और मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को निर्धारित की।






