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दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल ट्रांसफर याचिका खारिज की, कहा - केवल प्रतिकूल आदेश से पक्षपात साबित नहीं होता

Shivam
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि केवल प्रतिकूल आदेश से पक्षपात सिद्ध नहीं होता और ट्रायल ट्रांसफर की मांग को बिना मेरिट मानते हुए खारिज कर दिया। - जसप्रीत कौर बनाम जगजीत सिंह और अन्य।

दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल ट्रांसफर याचिका खारिज की, कहा - केवल प्रतिकूल आदेश से पक्षपात साबित नहीं होता

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में ट्रायल कोर्ट पर पक्षपात के आरोपों के आधार पर मामला स्थानांतरित करने की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल प्रतिकूल आदेश पारित होने से न्यायिक पक्षपात का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला जसप्रीत कौर बनाम जगजीत सिंह व अन्य से संबंधित है, जिसमें याचिकाकर्ता ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए केस ट्रांसफर की मांग की थी। याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 528 के तहत दायर की गई थी।

याचिकाकर्ता का आरोप था कि ट्रायल कोर्ट ने उनके पति और सास को आरोपों से मुक्त (डिस्चार्ज) करते समय पक्षपातपूर्ण रुख अपनाया। इसी आधार पर उन्होंने मामले को किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की।

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सुनवाई के दौरान जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि याचिकाकर्ता पहले ही उन्हीं मुद्दों को दोबारा उठा रही हैं, जिन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा विस्तार से खारिज किया जा चुका है।

अदालत ने कहा,

“केवल इस कारण कि आदेश याचिकाकर्ता के पक्ष में नहीं था, उसे पक्षपातपूर्ण नहीं माना जा सकता।”

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कोर्ट ने यह भी नोट किया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित आदेश न्यायिक कर्तव्यों के निर्वहन में दिया गया था और याचिकाकर्ता के पास उस आदेश को चुनौती देने के अन्य वैधानिक उपाय उपलब्ध हैं जिनका वह पहले ही उपयोग कर चुकी हैं।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पक्षपात के आरोपों को साबित करने के लिए ठोस तथ्यों और साक्ष्यों की आवश्यकता होती है, केवल आशंका या असंतोष पर्याप्त नहीं है।

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अदालत ने पाया कि याचिका में कोई नया तथ्य, मुद्दा या तर्क प्रस्तुत नहीं किया गया है, जो पहले से विचारित न हो।

इस आधार पर अदालत ने कहा कि इस मामले में असाधारण अधिकार क्षेत्र का उपयोग करने का कोई कारण नहीं बनता।

अंततः, अदालत ने याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया और ट्रायल ट्रांसफर की मांग अस्वीकार कर दी।

Case Details

Case Title: Jaspreet Kaur vs Jagjeet Singh & Ors.

Case Number: CRL.M.C. 2574/2026

Judge: Justice Saurabh Banerjee

Decision Date: April 7, 2026

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