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मद्रास हाईकोर्ट में चुनावी नामांकन पर याचिका खारिज, बहु-सीट उम्मीदवारों पर अतिरिक्त हलफनामा की मांग नहीं मानी गई

Rajan Prajapati
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मद्रास हाईकोर्ट ने बहु-सीट से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से अतिरिक्त हलफनामा लेने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। - के. मणि बनाम चुनाव प्राधिकरण

मद्रास हाईकोर्ट में चुनावी नामांकन पर याचिका खारिज, बहु-सीट उम्मीदवारों पर अतिरिक्त हलफनामा की मांग नहीं मानी गई

मद्रास हाईकोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। याचिका में मांग की गई थी कि जो उम्मीदवार एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ते हैं, उनसे एक अलग हलफनामा लिया जाए। कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और याचिका का निपटारा कर दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह याचिका के. मणि द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाए कि जो उम्मीदवार एक से अधिक सीटों से नामांकन दाखिल करते हैं, उनसे एक अतिरिक्त हलफनामा लिया जाए।

इस हलफनामे में यह सुनिश्चित करने की मांग की गई थी कि यदि उम्मीदवार चुनाव जीतने के बाद किसी एक सीट से स्वेच्छा से इस्तीफा देता है, तो उसे उस सीट पर हुए चुनाव खर्च की भरपाई करनी होगी।

याचिका का आधार यह था कि बहु-सीट से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के कारण सार्वजनिक धन और संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

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मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। आदेश में यह दर्ज किया गया कि याचिकाकर्ता की ओर से सुनवाई के दौरान कोई उपस्थित नहीं हुआ।

इसके बावजूद, कोर्ट ने याचिका की मांगों और कानून के प्रावधानों का संज्ञान लिया। पीठ ने विशेष रूप सेलोक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33(7) का उल्लेख किया।

इस प्रावधान के अनुसार, एक उम्मीदवार को अधिकतम दो निर्वाचन क्षेत्रों से ही चुनाव लड़ने की अनुमति है।

कोर्ट ने संकेत दिया कि यह विषय पहले से ही विधायी ढांचे के तहत विनियमित है।

पीठ ने कहा,

“कानून में पहले से ही यह स्पष्ट प्रावधान मौजूद है कि कोई भी उम्मीदवार दो से अधिक सीटों से चुनाव नहीं लड़ सकता।”

इससे यह स्पष्ट हुआ कि अदालत ने मौजूदा कानूनी व्यवस्था को पर्याप्त माना।

धारा 33(7) का मतलब यह है कि कोई भी व्यक्ति लोकसभा, विधानसभा या अन्य चुनावों में एक साथ अधिकतम दो सीटों से ही चुनाव लड़ सकता है।

याचिकाकर्ता की मांग थी कि अगर कोई उम्मीदवार इन दो सीटों में से एक छोड़ता है, तो उसे खर्च की भरपाई करनी चाहिए।

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हालांकि, ऐसा कोई नियम वर्तमान कानून में नहीं है, और इसे लागू करने के लिए विधायी बदलाव की जरूरत होगी, न कि न्यायिक आदेश की।

मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद, मद्रास हाईकोर्ट ने याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

कोर्ट ने यह पाया कि याचिका में उठाई गई मांगें नीति (policy) से जुड़ी हैं और इस तरह के बदलाव के लिए विधायिका (Parliament) उचित मंच है।

अंततः, अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए कोई निर्देश जारी नहीं किया।

Case Details

Case Title: K. Mani v. Chief Election Commissioner & Ors.

Case Number: W.P. (MD) No.12161 of 2026

Judges: Chief Justice Sushrut Arvind Dharmadhikari & Justice G. Arul Murugan

Decision Date: 28 April 2026

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