Logo

सुप्रीम कोर्ट ने NCLT में लंबित रिजॉल्यूशन प्लान मामलों पर जताई नाराज़गी, दो हफ्ते में मांगी देशभर की रिपोर्ट

Rajan Prajapati
Add Court Book as a preferred source on Google

सुप्रीम कोर्ट ने NCLT में Resolution Plan मंजूरी में देरी पर गंभीर चिंता जताई और IBBI व NCLT से दो हफ्ते में आंकड़े मांगे। - AVJ हाइट्स अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन बनाम IIFL फाइनेंस लिमिटेड और अन्य

सुप्रीम कोर्ट ने NCLT में लंबित रिजॉल्यूशन प्लान मामलों पर जताई नाराज़गी, दो हफ्ते में मांगी देशभर की रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने NCLT में रिजॉल्यूशन प्लान मंजूरी से जुड़े लंबित मामलों पर कड़ी चिंता जताई। अदालत ने कहा कि कई मामलों में योजनाएं वर्षों से मंजूरी का इंतजार कर रही हैं, जो Insolvency प्रक्रिया की भावना के विपरीत है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद AVJ Developers (India) Pvt. Ltd. की Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) से संबंधित है। रिकॉर्ड के अनुसार, IIFL Finance का दावा पहले Resolution Professional ने अस्वीकार कर दिया था क्योंकि कंपनी के रिकॉर्ड से दावा सत्यापित नहीं हो सका।

इसके बाद IIFL ने NCLT का दरवाजा खटखटाया, जहां उसका दावा स्वीकार कर लिया गया। इस आदेश को चुनौती NCLAT में दी गई, लेकिन अपील खारिज हो गई। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

Read also:- कलकत्ता हाई कोर्ट ने उम्र सीमा के बावजूद सरोगेसी में राहत दी, दंपति के लिए फास्ट-ट्रैक सर्टिफिकेट का आदेश दिया।

Court Book subscription: bare acts, legal drafts, court judgments and ad-free legal news, plans from ₹30/month

सुनवाई के दौरान अपीलकर्ताओं की ओर से कहा गया कि IIFL का दावा संदिग्ध है। कोर्ट के सामने 3 जुलाई 2024 का एक Arbitral Award भी रखा गया, जिसमें ₹85 करोड़ के दावे से जुड़े कई दस्तावेजों और लेनदेन पर सवाल उठाए गए थे।

पीठ ने आदेश में कहा कि कुछ निष्कर्ष “गंभीर ध्यान देने योग्य” हैं।

हालांकि, अदालत ने इस चरण पर दावे की अंतिम वैधता पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि Committee of Creditors (CoC) ने Resolution Plan को 4 जुलाई 2024 को मंजूरी दी थी और 12 जुलाई 2024 को NCLT Principal Bench, New Delhi में आवेदन दाखिल किया गया था।

इसके बावजूद अब तक उस पर फैसला नहीं हुआ।

पीठ ने कहा,

“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि लगभग दो वर्ष बाद भी मंजूरी आवेदन पर निर्णय नहीं हुआ।”

अदालत ने यह भी नोट किया कि केवल दिल्ली ही नहीं, अन्य बेंचों में भी ऐसे कई मामले वर्षों से लंबित हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने NCLT Principal Bench, New Delhi से दो हफ्ते में यह जानकारी मांगी:

• Resolution Plan मंजूरी के कितने आवेदन लंबित हैं

• वे कितने समय से लंबित हैं

• अब तक निर्णय न होने के कारण क्या हैं

साथ ही Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) को भी पक्षकार बनाया गया और देशभर के आंकड़े देने का निर्देश दिया गया।

Read also:- दिल्ली हाईकोर्ट: गवाह को दोबारा बुलाने की सीमा तय, नए आरोप जोड़ने के लिए मुख्य बयान दोबारा खोलने से किया इनकार

कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल जैन और नवीन पाहवा को Amicus Curiae के रूप में सहायता के लिए बुलाया।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 29 अप्रैल 2026 दोपहर 2 बजे आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया और कहा कि प्राप्त आंकड़ों की समीक्षा के बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।

Case Details:

Case Title: AVJ Heightss Apartment Owners Association v. IIFL Finance Limited & Anr.

Case Number: Civil Appeal No. 3811/2023 with Diary No. 6520/2023

Judge: Justice J.B. Pardiwala and Justice K.V. Viswanathan

Decision Date: 16 April 2026

Download order

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Get it on Google PlayDownload on the App Store
Join the Court Book WhatsApp channel for latest judgments, notifications, legal news and exam updates