अभिवचन साधारणतः (General Affidavit) फॉर्मेट भारत — निःशुल्क हिंदी ड्राफ्ट्स
General Affidavit (अभिवचन साधारणतः) भारत में अदालतों, सरकारी कार्यालयों और कानूनी लेनदेन में उपयोग किया जाने वाला शपथपूर्वक दिया गया लिखित कथन है। यह शपथ अधिनियम, 1969 और सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के तहत नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त के सामने किया जाता है। चाहे नाम बदलना हो, पहचान प्रमाण या अदालत में पेश करना हो, कोई भी इसका उपयोग कर सकता है।
What is अभिवचन साधारणतः (General Affidavit)?
General Affidavit (अभिवचन साधारणतः) किसी व्यक्ति (शपथकर्ता) द्वारा शपथ या प्रतिज्ञा के साथ दिया गया एक स्वैच्छिक, लिखित तथ्य घोषणा है। भारतीय कानून के तहत, अभिवचन शपथ अधिनियम, 1969 द्वारा शासित होते हैं, और अदालत में इनकी स्वीकार्यता सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC) के आदेश 19 द्वारा विनियमित होती है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 75 कहती है कि नोटरी पब्लिक द्वारा प्रमाणित अभिवचनों को असली सार्वजनिक दस्तावेज़ माना जाता है।
कानूनी वैधता पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि शपथकर्ता ने नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त जैसे अधिकृत अधिकारी के सामने सामग्री की सत्यता की शपथ ली है या नहीं। अभिवचन में झूठा कथन देना भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 193 के तहत शपथ उल्लंघन (Perjury) के बराबर है, और इसके लिए दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 340 के तहत कार्यवाही शुरू की जा सकती है।
कोई भी व्यक्ति जो मानसिक रूप से स्वस्थ है और वयस्क (18 वर्ष) है, वह अभिवचन तैयार कर सकता है और उस पर हस्ताक्षर कर सकता है। शपथकर्ता को नोटरी की उपस्थिति में दस्तावेज़ पर स्वयं हस्ताक्षर करना आवश्यक है। भारतीय कानून में General Affidavit क्या है, यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह विभिन्न कानूनी, प्रशासनिक और न्यायिक कार्यवाहियों में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य और औपचारिक घोषणा के रूप में कार्य करता है।
All अभिवचन साधारणतः (General Affidavit) Templates — Download Free
- Cpc आदेश Xxi नियम 79 के अन्तर्गत नोटिसDownload
- अंकन रु धन वसूली और उससे सम्बन्धित डिक्री के वसूल करने का वादDownload
- अति संदत्त राशि की वसूली के लिए वादDownload
- अतिसंदत्त धन की वसूली के लिए वादDownload
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- अधिक वसूल की गई धनराशि की वसूली का वादDownload
- अनियमित रूप से सेवा मुक्त करने के लिए वादDownload
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- असम्यक प्रभाव के अधीन प्राप्त किये गये एक दान विलेख के रद्द किये जाने के लिए वादDownload
Disclaimer: This template is provided for general informational and drafting reference purposes only. It does not constitute legal advice. Stamp duty, registration, and procedural requirements may vary by state. Consult a qualified advocate before executing or filing any legal document. For more details, see our Disclaimer.
Quick Overview
How To Draft अभिवचन साधारणतः (General Affidavit) Documents — Step by Step Guide
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चरण 1: शीर्षक और अधिकार क्षेत्र तैयार करें
अभिवचन की शुरुआत अधिकार क्षेत्र को बताकर करें (जैसे "नोटरी पब्लिक के समक्ष, [शहर]")। यदि अभिवचन विशेष रूप से किसी कानूनी कार्यवाही के लिए है, तो अदालत या कार्यालय का विवरण शामिल करें।
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चरण 2: शपथकर्ता का विवरण लिखें
शपथकर्ता का पूरा नाम, उम्र, पिता/पति का नाम और पूरा घर का पता बताएं। इससे शपथ लेने वाले व्यक्ति की पहचान और कानूनी क्षमता स्थापित होती है।
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चरण 3: क्रमांकित पैराग्राफ में मुख्य भाग तैयार करें
तथ्यों को क्रमांकित पैराग्राफ में स्पष्ट और संक्षेप में लिखें। प्रत्येक पैराग्राफ में व्यक्तिगत ज्ञान पर आधारित एक अलग तथ्य होना चाहिए। तर्कों, राय या कानूनी शब्दजाल से बचें; केवल तथ्यात्मक कथनों पर चिपके रहें।
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चरण 4: सत्यापन खंड जोड़ें
मुख्य भाग को एक औपचारिक सत्यापन खंड के साथ समाप्त करें, जिसमें लिखा हो: "मैं यह सत्यापित करता/करती हूँ कि उपरोक्त अभिवचन की सामग्री मेरे ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है।" यह सत्यापन CPC के आदेश 19 नियम 3 के तहत अनिवार्य है।
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चरण 5: हस्ताक्षर करें और नोटराइज़ करें
अभिवचन को उचित गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर (राज्य दरों के अनुसार) पर प्रिंट करें। शपथकर्ता को नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त की उपस्थिति में दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करना होगा, जो फिर अपनी मुहर, हस्ताक्षर और स्टाम्प लगाएगा।
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चरण 6: सहायक दस्तावेज संलग्न करें
पहचान प्रमाण, पता प्रमाण या अदालती आदेशों जैसे संबंधित दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां अभिवचन के साथ संलग्न करें और शपथित तथ्यों का समर्थन करने के लिए मुख्य भाग में उनका संदर्भ दें।
Frequently Asked Questions
अभिवचन साधारणतः निर्देशिका में क्या उपलब्ध है?
हिंदी में 160+ दीवानी ड्राफ्ट्स: धन/माल/सेवा वसूली, गारंटी/बॉन्ड, लाइसेंसी बेदखली, कुर्की क्षतिपूर्ति, ट्रस्ट क्रियान्वयन, विदेशी निर्णय पर वाद, विक्रय/उपहार/वसीयत रद्दकरण, धारा 106 TPA नोटिस आदि.
इन ड्राफ्ट्स का उपयोग किसके लिए किया जा सकता है?
दीवानी वाद, नोटिस एवं प्लीडिंग तैयार करने हेतु—जैसे मूल्य/सेवा का बकाया, अनुबंधभंग, क्षतिपूर्ति, गारंटी प्रवर्तन, लाइसेंस रद्दीकरण व बेदखली, दस्तावेज रद्दकरण, ट्रस्ट/चार्ज प्रवर्तन.
एक मानक दीवानी वाद में किन बातों का ध्यान रखें?
कारण‑शीर्षक, पक्षकार विवरण, न्यायक्षेत्र, तथ्यों का क्रम, कारण‑ए‑कार्रवाई, राहत/अंतरिम राहत, मूल्यांकन व न्याय शुल्क, सूची‑ए‑दस्तावेज, सत्यापन/हलफनामा शामिल करें.
धन/माल/सेवा वसूली के वाद में आवश्यक तत्व क्या हैं?
देयता का आधार (चालान/समझौता), आपूर्ति/सेवा का प्रमाण, दर/मूल्य, बकाया गणना व ब्याज क्लॉज, नोटिस/डिमांड का उल्लेख, सीमाबंदी (Limitation) का अनुपालन.
विक्रय/उपहार/वसीयत रद्द करने के वाद में क्या दर्शाएं?
दस्तावेज़ का विवरण, निष्पादन की परिस्थितियाँ, कपट/अनुचित प्रभाव/क्षमता का अभाव, कारण व साक्ष्य, हाशिए की राहत (कब्ज़ा/Entries), स्टैंप/रजिस्ट्रेशन स्थिति.
गारंटी/प्रतिभूति बंधपत्र के प्रवर्तन हेतु क्या plead करें?
गारंटी शर्तें, मूल देनदार की चूक, नोटिस, भुगतान देनदारी, सहगारण्टर/सीमा (पीनल सम) का उल्लेख, सह‑देयता व उपरांत योगदान/सब्रोगेशन के अधिकार.
लाइसेंसी (Licensee) बेदखली व नुकसानी के वाद में क्या अंतर है?
बेदखली हेतु लाइसेंस का रद्द होना/नोटिस व कब्ज़े की मांग, जबकि नुकसानी हेतु अनधिकृत उपयोग की अवधि, उपयोग‑लाभ (mesne profits) की गणना व ब्याज दर्शाएं.
विदेशी निर्णय पर आधारित वाद कब दायर करें?
जब विदेशी न्यायालय का निर्णय धारा 13 CPC के अपवादों से प्रेरित न हो (अधिकार‑क्षेत्र, प्राकृतिक न्याय, धोखाधड़ी आदि का अभाव) और वह निर्णायक हो.
धारा 106 संपत्ति अंतरण अधिनियम का नोटिस कब देना चाहिए?
मासिक किरायेदारी/लाइसेंस समाप्ति हेतु उचित अवधि का समापन नोटिस; सेवा का प्रमाण (रजिस्टर्ड/कूरियर/ई‑मेल) संलग्न करें और नियमों के अनुसार भाषा/समयसीमा रखें.
सीमाबंदी (Limitation) और न्याय शुल्क के बारे में क्या सावधानियाँ हों?
उचित अनुच्छेद के तहत अवधि का हिसाब रखें; दिवानी न्याय शुल्क अधिनियम/राज्य नियमों अनुसार वसूली/घोषणात्मक/रद्दकरण वाद की फीस सही मूल्यांकन पर जमा करें.