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Conveyance Deedm(अभिहस्तांतरण) Format India — Hindi Templates & Samples

Conveyance Deed (अभिहस्तांतरण) भारत में संपत्ति के स्वामित्व को एक पक्ष से दूसरे पक्ष में हस्तांतरित करने का एक आवश्यक कानूनी दस्तावेज़ है। यह संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 और पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत शासित है। चाहे संपत्ति की बिक्री, उपहार या विल हो, यह दस्तावेज़ कानूनी स्वामित्व सुनिश्चित करता है। मुफ्त Conveyance Deed टेम्प्लेट और नमूने डाउनलोड करें और अपनी संपत्ति हस्तांतरण को वैध बनाएं।

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What is अभिहस्तांतरण (Conveyance Deed)?

Conveyance Deed (अभिहस्तांतरण) एक कानूनी दस्तावेज़ है जो संपत्ति (चल या अचल) के शीर्षक (स्वामित्व) और संबंधित अधिकारों को हस्तांतरकर्ता (Transferor) से हस्तांतरिती (Transferee) को स्थानांतरित करता है। भारतीय कानून के तहत, इसे मुख्य रूप से संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 के तहत नियंत्रित किया जाता है। धारा 54 बिक्री के अभिहस्तांतरण को, धारा 122 उपहार (Gift) को, और धारा 123 उपहार के अभिहस्तांतरण के पंजीकरण को नियंत्रित करती है।

इसकी कानूनी वैधता पूरी तरह से उचित स्टाम्प मूल्य का भुगतान करने और पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 17 के तहत उप-रजिस्ट्रार (Sub-Registrar) के कार्यालय में इसके पंजीकरण पर निर्भर करती है। बिना पंजीकृत अभिहस्तांतरण पत्र कानूनी रूप से अवैध माना जाता है और अदालत में स्वामित्व का प्रमाण नहीं दे सकता।

कोई भी योग्य वयस्क व्यक्ति, जो संपत्ति का वैध मालिक है और स्वस्थ मस्तिष्क से काम कर रहा है, अभिहस्तांतरण कर सकता है। भारतीय कानून में Conveyance Deed क्या है, यह समझना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह दस्तावेज़ खरीदार को संपत्ति पर पूर्ण और बिना किसी बोझ का स्वामित्व (Marketable Title) प्रदान करता है। RERA (रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट, 2016) के तहत, बिल्डर का प्रोजेक्ट पूरा होने पर फ्लैट खरीदारों को अभिहस्तांतरण दस्तावेज़ देना भी अनिवार्य है।

When This Format Required?

संपत्ति की खरीद और बिक्री: जब कोई खरीदार विक्रेता से मकान, जमीन या कमर्शियल स्पेस खरीदता है, तो स्वामित्व हस्तांतरण के लिए विक्रय पत्र (Sale Deed) आवश्यक होता है।

संपत्ति उपहार देना: जब कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति बिना कुछ लिए अपने बच्चों या परिवार को देना चाहता है, तो Gift Deed बनाना होता है।

हाउसिंग सोसाइटी का पंजीकरण: जब बिल्डर या डेवलपर प्रोजेक्ट पूरा होने पर फ्लैट खरीदारों की सोसाइटी को भूमि और बिल्डिंग का स्वामित्व हस्तांतरित करता है।

संपत्ति का विनिमय: जब दो पक्ष अपनी-अपनी संपत्तियों का आपस में विनिमय (Exchange) करते हैं।

अदालती आदेश या नीलामी: जब किसी संपत्ति को अदालत के आदेश या बैंक की नीलामी (Auction) के माध्यम से हस्तांतरित किया जाता है।

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Quick Overview

अभिहस्तांतरण (Conveyance Deed) भारत में संपत्ति स्वामित्व हस्तांतरण का दस्तावेज़ है, जो संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 व पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत शासित है। इसके लिए राज्यानुसार स्टाम्प शुल्क (4%-8%) व उप-रजिस्ट्रार कार्यालय में अनिवार्य पंजीकरण आवश्यक है। यह बिक्री, उपहार, या वसीयत के लिए उपयोग होता है और आमतौर पर 5-15 पृष्ठों का होता है।

Step-by-Step Guide

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    चरण 1: पक्षकारों और संपत्ति का विवरण तैयार करें

    हस्तांतरकर्ता (Vendor/Donor) और हस्तांतरिती (Vendee/Donee) का पूरा नाम, उम्र, पता और पहचान प्रमाण लिखें। संपत्ति का सटीक पता, क्षेत्रफल और सीमांकन (Boundaries) का विवरण दें।

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    चरण 2: शीर्षक और हस्तांतरण का आधार चुनें

    दस्तावेज़ का शीर्षक तय करें - यह बिक्री (Sale Deed), उपहार (Gift Deed), या आवंटन (Allotment) है। हस्तांतरण का कारण (विचार राशि Consideration या प्रेम में उपहार) स्पष्ट रूप से लिखें।

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    चरण 3: मुख्य भाग और घोषणाएं शामिल करें

    विक्रेता की घोषणाएं जोड़ें कि संपत्ति पर कोई ऋण, बंधक या कानूनी विवाद नहीं है। शीर्षक का पूर्ण हस्तांतरण और भविष्य में किसी तीसरे पक्ष द्वारा दावा होने पर विक्रेता की जिम्मेदारी का प्रावधान रखें।

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    चरण 4: सत्यापन और गवाहों की व्यवस्था

    दस्तावेज़ के अंत में दोनों पक्षों के हस्ताक्षर के लिए स्थान बनाएं। कम से कम दो गवाहों (Witnesses) की उपस्थिति और उनके हस्ताक्षर अनिवार्य हैं, जो यह पुष्टि करें कि हस्तांतरण स्वैच्छिक है।

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    चरण 5: स्टाम्प शुल्क का भुगतान करें

    राज्य सरकार के स्टाम्प नियमों के अनुसार उचित गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर खरीदें। संपत्ति अंतरण पर स्टाम्प शुल्क राज्य के अनुसार 4% से 8% तक हो सकता है। कम स्टाम्प पर दस्तावेज़ अवैध माना जाएगा।

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    चरण 6: उप-रजिस्ट्रार के कार्यालय में पंजीकरण करें

    पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 17 के तहत, दोनों पक्ष और गवाह उप-रजिस्ट्रार के समक्ष उपस्थित हों। पंजीकरण शुल्क का भुगतान करें और रजिस्ट्रार द्वारा हस्ताक्षर और मुहर के बाद दस्तावेज़ कानूनी रूप से प्रभावी हो जाएगा।

Disclaimer: This template is provided for general informational and drafting reference purposes only. It does not constitute legal advice. Stamp duty, registration, and procedural requirements may vary by state. Consult a qualified advocate before executing or filing any legal document. For more details, see our Disclaimer.