इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मंगलवार (2 जून) को एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें "कॉकरोच जनता पार्टी" नामक संगठन और उसके संस्थापक के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसियों से जांच कराने की मांग की गई थी।
अदालत ने कहा कि याचिका में उत्तर प्रदेश से जुड़ा कोई ठोस कारण नहीं दिखता और इसलिए यह याचिका लखनऊ पीठ के समक्ष विचारणीय नहीं है। हालांकि, याचिकाकर्ता को सक्षम अदालत में नई याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी गई।
मामले की पृष्ठभूमि
यह याचिका बेंगलुरु निवासी एस. विग्नेश शिशिर ने स्वयं अदालत में पेश होकर दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने अभिजीत दिपके नामक व्यक्ति और "कॉकरोच जनता पार्टी" नाम के एक कथित अपंजीकृत संगठन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि संगठन की गतिविधियों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जानी चाहिए। इसके अलावा, कुछ सोशल मीडिया खातों को बंद कराने की भी मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अभदेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने याचिका का अवलोकन करने के बाद सबसे पहले उसके क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाया।
पीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने स्वयं को याचिका और शपथपत्र में बेंगलुरु का स्थायी निवासी बताया है। अदालत ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे राष्ट्रीय स्तर के हैं और इनमें उत्तर प्रदेश से संबंधित कोई विशेष तथ्य सामने नहीं आता।
पीठ ने कहा,
“याचिकाकर्ता बेंगलुरु का निवासी है और राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा उठा रहा है, इसलिए उसे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख करना चाहिए था।”
अदालत ने यह भी नोट किया कि पूर्व में भी याचिकाकर्ता ने स्वयं को बेंगलुरु निवासी बताया था। केवल यह तथ्य कि कुछ शिकायतें लखनऊ के पते से भेजी गई थीं, क्षेत्राधिकार स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
जब अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि याचिका क्षेत्राधिकार के अभाव में सुनवाई योग्य नहीं है, तब याचिकाकर्ता ने इसे वापस लेने की अनुमति मांगी।
इस पर खंडपीठ ने याचिका को निस्तारित करते हुए याचिकाकर्ता को सक्षम क्षेत्राधिकार वाली अदालत के समक्ष नई आपराधिक जनहित याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता प्रदान कर दी।
Case Details
Case Title: S. Vignesh Shishir v. Union of India Through Secretary, Ministry of Home Affairs, New Delhi & 21 Others
Case Number: Criminal Writ-Public Interest Litigation No. 7 of 2026
Judges: Justice Shekhar B. Saraf and Justice Abdhesh Kumar Chaudhary
Decision Date: June 2, 2026





