Logo

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 'अंजनी पुत्र सेना' को राम नवमी शोभा यात्रा की अनुमति दी, अधिकतम 500 लोगों की सीमा तय

Court Book
Add Court Book as a preferred source on Google

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंजनी पुत्र सेना को राम नवमी पर शोभा यात्रा निकालने की अनुमति दी। कोर्ट ने अधिकतम 500 प्रतिभागियों और खास मार्ग के साथ सख्त शर्तें लागू कीं।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 'अंजनी पुत्र सेना' को राम नवमी शोभा यात्रा की अनुमति दी, अधिकतम 500 लोगों की सीमा तय

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंजनी पुत्र सेना को राम नवमी के मौके पर 6 अप्रैल 2025 को हावड़ा में 'श्रीराम नवमी शोभा यात्रा उत्सव' निकालने की अनुमति दी है। यह अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित हो। यह आदेश न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने पारित किया।

अंजनी पुत्र सेना, जो भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के अंतर्गत पंजीकृत एक ट्रस्ट है, ने पुलिस से शोभा यात्रा की अनुमति मांगी थी। हालांकि, पुलिस ने दो वैकल्पिक मार्ग सुझाए, जिससे मतभेद हुआ और ट्रस्ट ने हाईकोर्ट का रुख किया।

“यात्रा में सिर्फ 500 प्रतिभागी ही होंगे, जिन्हें विशेष बैज पहनाया जाएगा। केवल वही लोग जुलूस में शामिल माने जाएंगे।”

“जब दो दिन बचे हों और याचिकाकर्ता की ओर से शांतिपूर्ण आयोजन की गारंटी दी गई हो, तो पुरानी छिटपुट घटनाओं के आधार पर उन्हें रोका नहीं जा सकता,” — न्यायमूर्ति घोष ने कहा।

Court Book subscription: bare acts, legal drafts, court judgments and ad-free legal news, plans from ₹30/month

Read Also:- "नियोक्ता द्वारा साक्ष्य छिपाने पर कर्मचारी के पक्ष में निष्कर्ष — कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला"

ट्रस्ट ने कोर्ट से अनुरोध किया कि यात्रा वही पारंपरिक मार्ग से हो, जो वर्षों से उपयोग किया जा रहा है — जिसमें लॉर्ड नरसिंह मंदिर से जीटी रोड होते हुए हावड़ा मैदान तक जुलूस निकाला जाएगा।

राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने पूर्व वर्षों की घटनाओं का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि 2022 और 2023 की शोभा यात्राओं के दौरान कई पुलिस केस दर्ज किए गए थे। विशेष रूप से 2023 के एक मामले को एनआईए को सौंपा गया था, और मार्च 2024 में 11 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।

इसके अलावा, अप्रैल 2024 में ध्वनि नियंत्रण उल्लंघन से संबंधित एक और केस भी सामने आया था (शिबपुर पीएस केस नं. 155/2024, दिनांक 18.04.2024)। महाधिवक्ता ने बताया कि पुलिस को पश्चिम बंगाल पुलिस अधिनियम की धारा 30 के अंतर्गत अधिकार है कि वे खुफिया रिपोर्ट के आधार पर वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करें।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि यह मार्ग हमेशा से इस्तेमाल होता रहा है और केवल छिटपुट घटनाओं के आधार पर अनुमति से इनकार करना अनुचित होगा। कोर्ट ने इस पर सहमति जताई।

“केवल पीवीसी से बने प्रतीकात्मक झंडे या अस्त्र-शस्त्र ले जाने की अनुमति है। धातु से बने हथियार पाए जाने पर पुलिस जब्त कर सकती है।”

“प्रतिभागियों को निरंतर आगे बढ़ते रहना होगा, बीच में कहीं रुकना मना होगा।”

“यदि एक से अधिक जुलूस निकलते हैं, तो प्रत्येक के आगे और पीछे पुलिस एस्कॉर्ट तैनात होगी।”

Read Also:- "अधूरी समझौता ज्ञापन में मध्यस्थता क्लॉज के आधार पर मध्यस्थता नहीं हो सकती — कलकत्ता हाईकोर्ट"

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जुलूस सुबह 8:30 बजे शुरू होकर दोपहर 1:00 बजे तक समाप्त हो जाना चाहिए।

साथ ही, प्रतिभागियों की सूची — जिनमें प्रत्येक के पास पहचान पत्र (EPIC, आधार, पैन या अन्य वैध पहचान) हो — पुलिस उपायुक्त, केंद्रीय डिवीजन, हावड़ा को सौंपना अनिवार्य किया गया है। इस पर अनुपालन रिपोर्ट 9 अप्रैल 2025 तक कोर्ट में दाखिल करनी होगी।

Download Order/Judgment

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Get it on Google PlayDownload on the App Store
Join the Court Book WhatsApp channel for latest judgments, notifications, legal news and exam updates