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बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ के दक्षिण भारत से बाहर ब्रांड इस्तेमाल पर रोक बरकरार रखी

Zaved Khan

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्सप्रेस पब्लिकेशंस (मदुरै) की अपील खारिज करते हुए ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ ब्रांड के दक्षिण भारत से बाहर उपयोग पर लगी अंतरिम रोक को बरकरार रखा। -

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ के दक्षिण भारत से बाहर ब्रांड इस्तेमाल पर रोक बरकरार रखी
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एक्सप्रेस पब्लिकेशंस (मदुरै) प्राइवेट लिमिटेड (EPM) की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने “द न्यू इंडियन एक्सप्रेस” नाम के उपयोग पर लगी रोक को चुनौती दी थी। अदालत ने पहले दिए गए अंतरिम आदेश को सही ठहराते हुए द इंडियन एक्सप्रेस के पक्ष में फैसला बरकरार रखा।

न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजुषा देशपांडे की खंडपीठ ने कहा कि एकल न्यायाधीश के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद इंडियन एक्सप्रेस समूह के संस्थापक रामनाथ गोयनका के निधन के बाद हुए पारिवारिक समझौते से जुड़ा है।

वर्ष 1995 में हुए मेमोरेंडम ऑफ सेटलमेंट (MoS) और 2005 के पूरक समझौते के तहत “इंडियन एक्सप्रेस” ट्रेडमार्क का पूर्ण स्वामित्व द इंडियन एक्सप्रेस के पास रखा गया था। वहीं EPM को केवल कुछ दक्षिणी राज्यों और निर्दिष्ट केंद्रशासित प्रदेशों में “द न्यू इंडियन एक्सप्रेस” शीर्षक के उपयोग की सीमित अनुमति दी गई थी।

विवाद तब शुरू हुआ जब EPM ने सितंबर 2024 में मुंबई में “द न्यू इंडियन एक्सप्रेस – मुंबई डायलॉग्स” नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया।

खंडपीठ ने माना कि प्रथम दृष्टया “इंडियन एक्सप्रेस” ट्रेडमार्क पर विशेष अधिकार द इंडियन एक्सप्रेस का है।

अदालत ने एकल न्यायाधीश के निष्कर्षों से सहमति जताते हुए कहा कि EPM को दिया गया अधिकार सीमित और शर्तों के अधीन था। पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है जिससे यह लगे कि पहले पारित आदेश में कोई त्रुटि है।

अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि “द न्यू इंडियन एक्सप्रेस” नाम का उपयोग निर्धारित क्षेत्रों से बाहर किए जाने का आरोप समझौते की शर्तों के संदर्भ में विचारणीय है।

अपील खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्सप्रेस पब्लिकेशंस (मदुरै) पर लगी अंतरिम रोक को जारी रखा। इसके साथ ही कंपनी को “द न्यू इंडियन एक्सप्रेस” ब्रांड का उपयोग उन क्षेत्रों के बाहर करने से रोका गया, जिनके लिए उसे समझौते के तहत अधिकार प्रदान किए गए थे।

Case Details:

Case Title: Express Publications, Madurai vs The Indian Express

Case Number: COMAP(L)/41053/2025

Judges: Justice Bharati Dangre and Justice Manjusha Deshpande

Decision Date: June 15, 2026

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