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मद्रास हाईकोर्ट ने विनायगर चतुर्थी उत्सव की अनुमति दी, सख्त पर्यावरणीय नियम लागू

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मद्रास हाईकोर्ट ने विनायगर चतुर्थी पर मूर्ति स्थापना और विसर्जन की अनुमति दी, लेकिन PoP मूर्तियों और जहरीले रंगों पर रोक लगाई। कोर्ट ने कहा कि केवल मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी मूर्तियाँ ही स्थापित होंगी।

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मद्रास हाईकोर्ट ने विनायगर चतुर्थी उत्सव की अनुमति दी, सख्त पर्यावरणीय नियम लागू
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मदुरै खंडपीठ ने 26 अगस्त 2025 को एक सामान्य आदेश सुनाया। यह आदेश कई रिट याचिकाओं के बैच में दिया गया था, जिनमें विनायगर चतुर्थी (27 अगस्त 2025 से शुरू) पर मूर्तियों की स्थापना और विसर्जन से जुड़ी अनुमति मांगी गई थी। याचिकाएँ मदुरै, तेनकासी, डिंडीगुल, शिवगंगई, थेनी, तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन जिलों से दायर की गई थीं। सभी याचिकाकर्ताओं ने मूर्ति स्थापना, शोभायात्रा और विसर्जन की अनुमति चाही थी।

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याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि अनुमति न देना या आवेदन पर देर से निर्णय लेना उनके धार्मिक अधिकार (अनुच्छेद 25) का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ समूहों को अनुमति दी गई जबकि उन्हें मनमाने तरीके से रोका गया। सभी याचिकाकर्ताओं ने भरोसा दिलाया कि वे प्रशासन और पुलिस द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करेंगे और कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं होगी।

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राज्य सरकार ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकतर आवेदन अंतिम समय पर दिए गए, जिससे प्रशासन को तैयारी का पर्याप्त समय नहीं मिला। साथ ही, कई जगहों पर पहले से एक समूह को अनुमति दी जा चुकी थी और बाकी लोग केवल “अहम की लड़ाई” में अलग मूर्तियाँ रखना चाहते हैं। सरकार ने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में ऐसे आयोजनों में कानून-व्यवस्था की समस्याएँ आई थीं।

जस्टिस बी. पुगलेन्धी ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था में संतुलन होना ज़रूरी है।

कोर्ट ने Plaster of Paris (PoP) और जहरीले रंगों से बनी मूर्तियों के पर्यावरणीय नुकसान पर गंभीर चिंता जताई और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया, जिनमें ऐसी मूर्तियों के प्रयोग और विसर्जन पर रोक है।

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“विनायगर चतुर्थी का उत्सव आस्था की अभिव्यक्ति है, लेकिन इसे केवल पर्यावरण-अनुकूल नियमों का पालन करते हुए ही मनाया जा सकता है।”

कोर्ट ने सरकार की गाइडलाइंस G.O.Ms.No.598 (09.08.2018) को बरकरार रखते हुए निर्देश दिया कि केवल मिट्टी से बनी और प्राकृतिक, गैर-विषैले रंगों से रंगी मूर्तियों को ही अनुमति दी जाएगी। शोभायात्रा और विसर्जन सिर्फ़ तय मार्ग और समय पर ही होंगे। प्रशासन और पुलिस पर ज़िम्मेदारी होगी कि त्योहार शांति और सुरक्षित तरीके से सम्पन्न हो।

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केस का शीर्षक: S. Kumar बनाम The Commissioner of Police, Madurai District & Others (और संबंधित बैच केस)

केस नंबर:- W.P.(Crl.) (MD) No.1086 of 2025

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