Logo

शराब के नशे में धुत दोस्तों के बीच हुई कहासुनी के दौरान ईंटों से हमला करना हत्या नहीं: दिल्ली उच्च न्यायालय

Shivam Y.

दिल्ली हाईकोर्ट ने शराब पीने के दौरान हुए अचानक झगड़े में दोस्त की मौत के मामले में हत्या की सजा बदलकर 8 साल की कैद कर दी। - संजय सिंह बनाम राज्य (दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी)

Advertisement
शराब के नशे में धुत दोस्तों के बीच हुई कहासुनी के दौरान ईंटों से हमला करना हत्या नहीं: दिल्ली उच्च न्यायालय
Join Telegram

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में हत्या के मामले में सुनाई गई उम्रकैद की सजा को बदलते हुए आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-II के तहत दोषी ठहराया है। अदालत ने कहा कि घटना अचानक हुए झगड़े और नशे की हालत में हुई मारपीट का परिणाम थी, न कि पहले से बनाई गई हत्या की योजना।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की खंडपीठ ने यह फैसला संजय सिंह की अपील पर सुनाया।

Advertisement

मामले की पृष्ठभूमि

अभियोजन के अनुसार, मृतक अमित और आरोपी संजय सिंह करीबी दोस्त थे और अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। 29 फरवरी 2020 की सुबह संजय सिंह अमित को अपने किराए के कमरे पर ले गया, जहां दोनों ने शराब पी।

इसी दौरान शराब के पैसे देने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप था कि अमित ने पैसे देने से इनकार कर दिया और बहस के दौरान संजय को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद गुस्से में संजय ने बाहर पड़ी ईंट उठाकर अमित के सिर पर कई वार किए।

मकान मालिक जय भगवान ने अदालत को बताया कि घटना के बाद संजय घबराई हुई हालत में उसके पास आया और कहा कि उससे झगड़े में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। कमरे में पहुंचने पर अमित खून से लथपथ मिला और पास में खून लगी ईंट पड़ी थी।

ट्रायल कोर्ट ने संजय सिंह को धारा 302 IPC के तहत दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद फोरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य आरोपी की घटना में मौजूदगी और भूमिका साबित करते हैं। डीएनए रिपोर्ट में ईंट और आरोपी के कपड़ों पर मिले खून का मिलान मृतक के खून से हुआ।

अदालत ने मृतक की पत्नी की गवाही पर भी भरोसा जताया, जिसने बताया था कि आखिरी बार उसने अपने पति को आरोपी के साथ जाते देखा था।

हालांकि, अदालत ने यह भी माना कि घटना अचानक हुए विवाद का नतीजा थी।

पीठ ने कहा,

Advertisement

“दोनों व्यक्ति दोस्त थे और साथ बैठकर शराब पी रहे थे। झगड़ा अचानक शराब के पैसे जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ।”

अदालत ने यह भी नोट किया कि आरोपी अपने साथ कोई हथियार लेकर नहीं आया था और मौके पर पड़ी ईंट का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह साबित होता है कि घटना पूर्व नियोजित नहीं थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी को यह जानकारी जरूर थी कि सिर पर ईंट से लगातार वार करने से मौत हो सकती है, लेकिन रिकॉर्ड पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे हत्या की स्पष्ट मंशा साबित हो सके।

अदालत ने कहा,

“मौजूदा मामला धारा 304 भाग-II IPC के दायरे में आता है।”

इसके साथ ही कोर्ट ने संजय सिंह की धारा 302 IPC के तहत हुई दोषसिद्धि को बदलकर धारा 304 भाग-II IPC में परिवर्तित कर दिया और उम्रकैद की सजा घटाकर 8 साल की कठोर कैद कर दी।

जुर्माने की राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया।

Case Details

Case Title: Sanjay Singh v. State (NCT of Delhi)

Case Number: CRL.A. 622/2025

Judges: Justice Prathiba M. Singh and Justice Madhu Jain

Decision Date: May 20, 2026

Download Order
Advertisement

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Get it on Google PlayDownload on the App Store
CourtBook Mobile App

Recommended Posts