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केरल हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास की सजा हटाई, आरोपी को केवल साधारण चोट और हमला मामलों में दोषी ठहराया

Shivam Y.

केरल हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास का आरोप हटाकर आरोपी को केवल चोट और हमला से जुड़े अपराधों में दोषी माना और सजा में बदलाव किया। - मूसंतेपुरक्कल मनाफ बनाम केरल राज्य

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केरल हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास की सजा हटाई, आरोपी को केवल साधारण चोट और हमला मामलों में दोषी ठहराया
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केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में हत्या के प्रयास (Section 307 IPC) के आरोप को खारिज करते हुए सजा में बदलाव किया। अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों से यह साबित नहीं होता कि आरोपी की मंशा हत्या करने की थी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला 17 मई 2005 की एक घटना से जुड़ा है, जब तिरूर सरकारी अस्पताल के बाहर कथित तौर पर आरोपी और अन्य लोगों ने शिकायतकर्ता पर हमला किया। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने चाकू से वार किया और अन्य लोगों ने भी मारपीट की।

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ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 341 (गलत तरीके से रोकना) और 323 (साधारण चोट) के तहत दोषी ठहराते हुए 7 साल की सजा सुनाई थी।

न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन करते हुए कहा कि केवल चोट लगना ही हत्या के प्रयास का प्रमाण नहीं है।

अदालत ने कहा,

“घटना की प्रकृति और चोट के स्थान को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी के पास हत्या करने की मंशा या ज्ञान था।”

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पीड़ित को केवल एक चोट लगी थी, वह भी कंधे पर, जो घातक नहीं थी।

आरोपी ने अपनी पहचान पर भी सवाल उठाया था, लेकिन अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने पाया कि गवाहों के बयान और परिस्थितियां आरोपी की पहचान को पर्याप्त रूप से स्थापित करती हैं।

हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में आंशिक संशोधन करते हुए कहा कि:

धारा 307 IPC के तहत दोषसिद्धि को रद्द किया जाता है

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आरोपी को IPC की धारा 324 (खतरनाक हथियार से चोट), 323 और 341 के तहत दोषी ठहराया जाता है

अदालत ने आरोपी पर जुर्माना लगाया:

धारा 324 के तहत ₹40,000

धारा 323 के तहत ₹1,000

धारा 341 के तहत ₹500

साथ ही ₹30,000 पीड़ित को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया गया।

कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह निर्धारित तिथि पर ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होकर संशोधित सजा का पालन करे।

Case Details

Case Title: Moosantepurakkal Manaf vs State of Kerala

Case Number: Crl.A No. 972 of 2014

Judge: Justice A. Badharudeen

Decision Date: March 5, 2026

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