Logo

मुनार ग्लास ब्रिज पर रोक बरकरार, केरल हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर को एक महीने में नया फैसला लेने को कहा

Rajan Prajapati

केरल हाईकोर्ट ने मुनार के ग्लास ब्रिज पर लगी रोक हटाने से इनकार किया और जिला कलेक्टर को सभी पक्षों की सुनवाई के बाद नया आदेश देने को कहा। - नियोनोवा मुन्नार एलएलपी और अन्य। बनाम केरल राज्य और अन्य।

मुनार ग्लास ब्रिज पर रोक बरकरार, केरल हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर को एक महीने में नया फैसला लेने को कहा
Join Telegram

केरल हाईकोर्ट ने मुनार में बने चर्चित ग्लास ब्रिज को तुरंत खोलने की मांग ठुकरा दी है। अदालत ने कहा कि मामला सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए अंतरिम राहत देना उचित नहीं होगा। हालांकि कोर्ट ने जिला कलेक्टर, इडुक्की को निर्देश दिया कि वह सभी पक्षों को सुनकर एक महीने के भीतर नया आदेश पारित करें।

मामले की पृष्ठभूमि

याचिकाकर्ता नियोनोवा मुन्नार LLP ने मुनार के अनाचल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के लिए एक ग्लास ब्रिज बनाया और संचालित किया था। बाद में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत जिला कलेक्टर ने इस ब्रिज के उपयोग पर रोक लगा दी।

प्रशासन का कहना था कि ब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। साथ ही सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर भी सवाल उठाए गए थे।

इसके खिलाफ कंपनी ने पहले एकल पीठ के समक्ष याचिका दायर की, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला डिवीजन बेंच के सामने अपील के रूप में पहुंचा।

अपीलकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि बाद की घटनाओं में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। अदालत को बताया गया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कालीकट से सुरक्षा जांच कराई गई थी।

Read also:- राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क हादसा मुआवजा बढ़ाया, पुलिस कांस्टेबल के परिवार को ₹5.79 लाख अतिरिक्त राहत

यह भी कहा गया कि केरल एडवेंचर टूरिज्म प्रमोशन सोसाइटी ने 16 अप्रैल 2026 के पत्र में ब्रिज को सुरक्षित बताते हुए जनता के लिए खोलने योग्य माना है।

दूसरी ओर पंचायत पक्ष ने कहा कि निर्माण के लिए स्थानीय निकाय से अनुमति नहीं ली गई थी। राज्य सरकार की ओर से भी कहा गया कि अंतिम निर्णय जिला कलेक्टर को ही लेना चाहिए।

खंडपीठ ने कहा,

“एकल पीठ द्वारा अंतरिम राहत न देना सही था, क्योंकि ग्लास ब्रिज के उपयोग की अनुमति सार्वजनिक सुरक्षा के प्रश्न से जुड़ी है।”

अदालत ने यह भी माना कि बाद में सामने आए दस्तावेजों और सुरक्षा रिपोर्ट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने अपील का निस्तारण करते हुए जिला कलेक्टर, इडुक्की को निर्देश दिया कि वह 16 अप्रैल 2026 के पत्र समेत सभी नए तथ्यों पर विचार करें।

कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ताओं, पर्यटन प्राधिकरण और पंचायत पक्ष को सुनवाई का अवसर दिया जाए। इसके बाद कलेक्टर यथाशीघ्र, और हर हाल में प्रमाणित प्रति मिलने से एक महीने के भीतर नया आदेश पारित करें।

Case Details:

Case Title: Neonova Munnar LLP & Anr. v State of Kerala & Ors.

Case Number: W.A. No. 923 of 2026

Judge: Justice Gopinath P. and Justice Johnson John

Decision Date: 17 April 2026

Download Judgment

Take CourtBook Everywhere

Access your account on the go with our mobile app.

Get it on Google PlayDownload on the App Store