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गुजरात उच्च न्यायालय ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंध लागू करने में विफल रहने पर पुलिस और राज्य अधिकारियों को अवमानना ​​की चेतावनी दी है।

Shivam Y.

गुजरात हाईकोर्ट ने शोर प्रदूषण नियमों के पालन में ढिलाई पर अधिकारियों को फटकार लगाई और अवमानना कार्रवाई की चेतावनी दी। - अमित मणिभाई पंचाल बनाम कैवन एम. दस्तूर एवं अन्य

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गुजरात उच्च न्यायालय ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंध लागू करने में विफल रहने पर पुलिस और राज्य अधिकारियों को अवमानना ​​की चेतावनी दी है।
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गुजरात उच्च न्यायालय ने शोर प्रदूषण के मुद्दे पर राज्य प्रशासन की ढीली कार्यवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नियमों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला एक जनहित याचिका से जुड़े अवमानना आवेदन से संबंधित है, जिसमें राज्य में डीजे ट्रक और लाउडस्पीकर से उत्पन्न शोर प्रदूषण पर नियंत्रण के आदेशों के पालन का मुद्दा उठाया गया।

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अदालत ने पहले 15 सितंबर 2025 को आदेश पारित कर शोर प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देशों के पालन की बात कही थी। इसके बावजूद, अदालत के अनुसार, स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि यह “दुखद” है कि 20 वर्षों बाद भी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा।

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पीठ ने कहा,

“अदालत मूक दर्शक नहीं बन सकती जब नागरिक शोर प्रदूषण से प्रभावित हो रहे हों।”

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों के तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित है, और निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि स्तर स्वीकार्य नहीं है।

राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी विभिन्न नोटिफिकेशन और SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) का उल्लेख किया गया। इनमें लाउडस्पीकर पर साउंड लिमिटर लगाना अनिवार्य करना और उल्लंघन पर जब्ती जैसी कार्रवाई शामिल है।

हालांकि अदालत ने पाया कि ये नियम कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर इनका पालन नहीं हो रहा।

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अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस और संबंधित अधिकारी इन नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं करते, तो उनके खिलाफ अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

पीठ ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को आश्वासन दिया कि सभी निर्देशों के पालन के लिए विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले प्रस्तुत की जाएगी।

साथ ही, गृह सचिव और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष ने भी अदालत के समक्ष सख्त अनुपालन का भरोसा दिया।

अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह शोर प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित सभी कदमों की विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले दाखिल करे।

मामले को आगे की सुनवाई के लिए 18 जून 2026 तक स्थगित कर दिया गया।

Case Details

Case Title: Amit Manibhai Panchal vs Kaivan M. Dastoor & Ors.

Case Number: Misc. Civil Application No. 649 of 2025

Judges: Justice Bhargav D. Karia & Justice L. S. Pirzada

Decision Date: April 27, 2026

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