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जाति प्रमाण पत्र विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, 60 दिन में जांच पूरी करने का निर्देश

Rajan Prajapati
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र विवाद में हाई लेवल कमेटी को 60 दिनों में जांच पूरी कर फैसला देने का निर्देश दिया। - प्रदीप अहिरवार बनाम मध्य प्रदेश राज्य और अन्य

जाति प्रमाण पत्र विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, 60 दिन में जांच पूरी करने का निर्देश

जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद पर स्पष्ट निर्देश जारी किए। याचिकाकर्ता प्रदीप अहिरवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हाई लेवल कास्ट स्क्रूटनी कमेटी को समयबद्ध फैसला लेने को कहा।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला याचिकाकर्ता प्रदीप अहिरवार द्वारा दायर एक शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने 31 मार्च 2025 को शपथपत्र के साथ एक आवेदन देकर प्रतिवादी संख्या 3 के जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल उठाया था।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मुकेश कुमार अग्रवाल ने अदालत को बताया कि वे केवल इतना चाहते हैं कि उनकी शिकायत पर सक्षम प्राधिकरण द्वारा विधिवत सुनवाई कर निर्णय लिया जाए।

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सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से पेश हुए सरकारी अधिवक्ता मानस मणि वर्मा ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि संबंधित प्राधिकरण, यानी हाई लेवल कास्ट स्क्रूटनी कमेटी, इस मामले पर कार्रवाई करेगी।

अदालत ने इस पर संतोष जताते हुए कहा कि प्रक्रिया निष्पक्ष और नियमों के अनुसार होनी चाहिए।

पीठ ने स्पष्ट कहा,

“कमेटी संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दे और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच पूरी करे।”

कोर्ट ने अपने आदेश में निर्देश दिया कि हाई लेवल कास्ट स्क्रूटनी कमेटी प्रतिवादी संख्या 3 को बुलाकर जांच करेगी और यह तय करेगी कि उनका अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र वैध है या नहीं।

साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि जांच के बाद उचित आदेश पारित कर उसकी जानकारी याचिकाकर्ता को दी जाए।

हाईकोर्ट ने पूरे मामले को समयबद्ध बनाते हुए कमेटी को आदेश दिया कि वह 60 दिनों के भीतर निर्णय ले।

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कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों पक्ष इस आदेश की प्रति 30 अप्रैल 2026 तक स्पीड पोस्ट के माध्यम से कमेटी को भेजेंगे।

पीठ ने चेतावनी देते हुए कहा,

“यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश पारित नहीं किया जाता है, तो याचिकाकर्ता को याचिका पुनर्जीवित करने की स्वतंत्रता होगी।”

इन निर्देशों के साथ ही अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया, बल्कि जांच और निर्णय की जिम्मेदारी संबंधित कमेटी को सौंप दी।

Case details

Case Title:

Case Number: Writ Petition No. 8658 of 2026

Court: High Court of Madhya Pradesh, Jabalpur Bench

Judge: Hon’ble Justice Vivek Agarwal & Hon’ble Justice Avanindra Kumar Singh

Decision Date: April 24, 2026

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