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निशिकांत दुबे की टिप्पणी के बाद न्यायपालिका पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल

Shivam

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है जिसमें बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना पर की गई टिप्पणी के बाद न्यायपालिका को अपमानित करने वाली सोशल मीडिया सामग्री हटाने की मांग की गई है।

निशिकांत दुबे की टिप्पणी के बाद न्यायपालिका पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट हटाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल

सुप्रीम कोर्ट ने अगले सप्ताह उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति जताई है, जिसमें सोशल मीडिया पर न्यायपालिका के खिलाफ प्रसारित हो रही आपत्तिजनक सामग्री को हटाने की मांग की गई है। यह याचिका बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को लेकर की गई विवादित टिप्पणियों के बाद दाखिल की गई है।

यह मामला जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा द्वारा उठाया गया, जिन्होंने इस पर शीघ्र सुनवाई की मांग की। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिलों पर राष्ट्रपति की स्वीकृति और वक्फ संशोधन अधिनियम में हस्तक्षेप के निर्देश के बाद दुबे ने कोर्ट और सीजेआई के खिलाफ टिप्पणी की, जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो गई।

"सांसद ने कहा है कि सीजेआई खन्ना भारत में गृहयुद्धों के लिए जिम्मेदार हैं," अधिवक्ता मिश्रा ने पीठ को बताया।

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याचिका में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर "यह एक क***ा है", "यह शरीयत से नियंत्रित है" जैसे टैग के साथ आपत्तिजनक और अपमानजनक सामग्री फैलाई जा रही है, जिससे न्यायपालिका की गरिमा को गहरी ठेस पहुंच रही है।

"सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अभद्र सामग्री भरी पड़ी है। अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को पत्र लिखे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई," मिश्रा ने कहा।

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को ऐसे वीडियो और पोस्ट तुरंत हटाने का निर्देश दे।

"यह कोर्ट को आहत कर रहा है... सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही... यह पहले जैसे समय नहीं हैं," मिश्रा ने सुनवाई के दौरान कहा।

सुनवाई के बाद, जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि इस मामले को अगले सप्ताह सूचीबद्ध किया जाएगा।

इससे जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, एक एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड ने अटॉर्नी जनरल को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई पर बयान के लिए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही की मांग

"सुप्रीम कोर्ट और इसके सर्वोच्च पदाधिकारी के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए," पत्र में कहा गया।

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