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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ साथ रह रहे जोड़े को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया।

Shivam
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक 20 वर्षीय युवती और उसके साथी को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि बालिग महिला को अपनी इच्छा के अनुसार रहने का अधिकार है और उसकी पसंद की रक्षा की जानी चाहिए। - रिधम वर्मा और अन्य बनाम मध्य प्रदेश राज्य और अन्य

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ साथ रह रहे जोड़े को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने एक बालिग जोड़े को राहत देते हुए पुलिस प्रशासन को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया था कि वे साथ रह रहे हैं, लेकिन युवती के परिवार की ओर से संभावित हस्तक्षेप और नुकसान की आशंका है।

याचिका 20 वर्षीय युवती और 26 वर्षीय युवक की ओर से दायर की गई थी। दोनों ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके खिलाफ कोई झूठा मामला दर्ज न हो।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि वे अपनी मर्जी से साथ रह रहे हैं, लेकिन परिवार की नाराजगी के कारण उन्हें खतरे की आशंका है।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के नंदकुमार बनाम केरल राज्य फैसले का हवाला देते हुए कहा कि दो बालिग व्यक्तियों को विवाह के बिना भी साथ रहने का अधिकार है।

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वहीं राज्य की ओर से दलील दी गई कि युवती की उम्र 20 वर्ष है और उसने अभी 21 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है। इसलिए सुरक्षा देने की मांग स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।

न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि बालिग व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हैं।

अदालत ने कहा, “याचिकाकर्ता संख्या-1 बालिग है, इसलिए उसे अपनी इच्छा के अनुसार रहने का अधिकार है। यदि उसने कोई विकल्प चुना है, तो उस विकल्प को बाहरी दबावों से संरक्षण मिलना चाहिए।”

मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित थाना प्रभारी अपना मोबाइल नंबर याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराएं ताकि किसी आपात स्थिति में वे तुरंत संपर्क कर सकें।

इन्हीं निर्देशों के साथ याचिका का निपटारा कर दिया गया।

Case Details:

Case Title: Ridham Verma & Others v. State of Madhya Pradesh & Others

Case Number: Writ Petition No. 19028 of 2026

Judge: Justice Rajesh Kumar Gupta

Decision Date: June 3, 2026

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