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ट्विशा शर्मा मौत मामला: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

Shivam Y.

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। - मध्य प्रदेश राज्य बनाम श्रीमती। गिरिबाला सिंह

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ट्विशा शर्मा मौत मामला: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में रिटायर्ड न्यायिक अधिकारी गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। यह मामला पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में है और दहेज उत्पीड़न व संदिग्ध मौत के आरोपों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की एकलपीठ ने राज्य सरकार और मृतका के पिता द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

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मामले की पृष्ठभूमि

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की उन धाराओं के तहत FIR दर्ज की, जो दहेज उत्पीड़न और दहेज मृत्यु से संबंधित हैं। साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धाराएं भी लगाई गईं।

मृतका की सास गिरिबाला सिंह, जो एक सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी हैं, को ट्रायल कोर्ट ने 15 मई को अग्रिम जमानत दे दी थी। इसी आदेश को अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने राज्य की ओर से पक्ष रखते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट ने “बहुत जल्दबाजी में” अग्रिम जमानत दे दी। उनके साथ एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह, अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और अन्य सरकारी वकील भी मौजूद रहे।

तुषार मेहता ने अदालत को घटनाक्रम का क्रम बताते हुए कहा कि कथित घटना 12 मई की रात हुई, पोस्टमार्टम 13 मई को हुआ, अग्रिम जमानत आवेदन 14 मई को दाखिल किया गया और 15 मई को राहत दे दी गई।

उन्होंने दलील दी कि जांच शुरुआती और संवेदनशील चरण में थी, ऐसे में इतनी जल्दी राहत देना उचित परीक्षण के बिना किया गया फैसला प्रतीत होता है।

राज्य की ओर से यह भी कहा गया कि ट्रायल कोर्ट ने मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों और आरोपों की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं किया। अभियोजन ने यह आशंका भी जताई कि जांच प्रभावित हो सकती है या सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावना बन सकती है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका पर नोटिस जारी करने की सहमति जताई।

जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह ने गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 25 मई 2026 को दोपहर 2:30 बजे तय की।

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अदालत ने निर्देश दिया कि प्रक्रिया शुल्क जमा होने के बाद नोटिस तामील कराया जाए।

Case Details:

Case Title: The State of Madhya Pradesh v. Smt. Giribala Singh

Judge: Justice Avanindra Kumar Singh

Decision Date: May 22, 2026

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