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बैंक खाता फ्रीज करना अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखा जा सकता: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कंपनी का खाता अनफ्रीज करने का दिया आदेश

Zaved Khan

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कंपनी का बैंक खाता अनफ्रीज करने का आदेश देते हुए विवादित राशि को एफडी में रखने और जांच एजेंसियों को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। - Dekain Perfect Tech Solution Private Limited v. IDFC First Bank & Others

बैंक खाता फ्रीज करना अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखा जा सकता: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कंपनी का खाता अनफ्रीज करने का दिया आदेश
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में एक निजी कंपनी के बैंक खाते को अनफ्रीज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियों द्वारा विवादित राशि की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है, लेकिन बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी खाते पर अनिश्चितकाल तक रोक नहीं लगाई जा सकती।

मामले की पृष्ठभूमि

डेकाइन परफेक्ट टेक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने अपने निदेशक संजय शर्मा के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कंपनी ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में संचालित अपने खाते पर लगाए गए लियन (रोक) को हटाने और खाते के सामान्य संचालन की अनुमति देने की मांग की थी।

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि मामला हाई कोर्ट के पूर्व निर्णय मैल्कम मुरायिस एवं अन्य बनाम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं अन्य से पूरी तरह मिलता-जुलता है। उस मामले में भी विभिन्न साइबर अपराध इकाइयों के ईमेल के आधार पर बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया था।

अदालत की टिप्पणी

न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने कहा कि मैल्कम मुरायिस मामले में तय किए गए सिद्धांत वर्तमान मामले पर भी समान रूप से लागू होते हैं।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जांच एजेंसियां किसी खाते पर रोक बनाए रखना चाहती हैं तो उन्हें कानून के अनुसार आगे बढ़ना होगा और सक्षम न्यायिक प्राधिकारी से आवश्यक आदेश प्राप्त करने होंगे।

पीठ ने कहा कि केवल संदेह या जांच एजेंसियों द्वारा भेजी गई सूचना के आधार पर किसी खाते को लंबे समय तक फ्रीज रखना उचित नहीं माना जा सकता।

अदालत ने कहा,

“मैल्कम मुरायिस मामले में दिया गया निर्णय वर्तमान मामले पर भी समान रूप से लागू होगा।”

फैसला

याचिका का निपटारा करते हुए हाई कोर्ट ने बैंक को निर्देश दिया कि जांच एजेंसियों द्वारा चिन्हित विवादित राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में रखा जाए।

अदालत ने कहा कि इस राशि को तभी भुनाया जा सकेगा जब तीन महीने के भीतर सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा उचित आदेश पारित किया जाए। यदि निर्धारित अवधि में ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं होता है, तो याचिकाकर्ता संबंधित पुलिस एजेंसी को सूचना देकर राशि निकाल सकेगा।

साथ ही, हाई कोर्ट ने कंपनी के बैंक खाते को तत्काल प्रभाव से अनफ्रीज करने और उसके सामान्य संचालन की अनुमति देने का निर्देश दिया।

Case details:

Case Title: Dekain Perfect Tech Solution Private Limited v. IDFC First Bank & Others

Case Number: Writ Petition No. 18579 of 2026

Judge: Justice Subodh Abhyankar

Decision Date: 22 June 2026

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